पटना: बीपीएससी अभ्यर्थियों के विरोध के बीच बीपीएससी 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) पुनर्परीक्षा शनिवार चार जनवरी को कराने की तैयारी पूरी कर ली गयी. पटना जिला में 22 विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा होगी. कदाचार मुक्त परीक्षा की तैयारी को लेकर डीएम और एसपी ने बैठक की. निर्देश दिया गया है कि परीक्षा केन्द्र परिसर में किसी भी हालत में भीड़ या असामाजिक तत्व न जुटे. कदाचार की कोशिश करते पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी.
डीएम-एसपी ने की ब्रीफींगः नया समाहरणालय भवन स्थित सभाकक्ष में गुरुवार को आयोजित ब्रीफिंग में केन्द्राधीक्षकों, दण्डाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं अन्य पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं पर बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 लागू है. यदि कोई उम्मीदवार इस उपबंध का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उसके विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
"बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा आयोजित एकीकृत 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता पुनर्परीक्षा स्वच्छ, कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न करायी जाएगी. इसके लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है."- डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, डीएम, पटना
11 बजे तक मिलेगा प्रवेशः परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों का प्रवेश 09.30 बजे से 11.00 बजे तक होगा. 11.00 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी. परीक्षा अवधि 12.00 बजे से 02.00 बजे तक होगी. इस बीच कोई भी परीक्षार्थी एवं वीक्षक कमरे से बाहर नहीं निकलेंगे. परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, वाई-फाई गैजेट, इलेक्ट्रानिक पेन, पेजर, कलाई घड़ी इत्यादि जैसी इलेक्ट्रोनिक सामग्री ले जाना वर्जित है.
वीक्षक के पास नहीं रहेगा मोबाइल फोनः वीक्षकों का मुख्य दायित्व होगा कि उनके परीक्षा कक्ष में परीक्षा का संचालन स्वच्छ, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से कदाचार रहित हो. परीक्षा कार्य में संलग्न प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी एवं प्रतिनियुक्त वरीय पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि परीक्षा केन्द्रों के केन्द्राधीक्षक को छोड़कर किसी भी वीक्षक या कर्मी के पास परीक्षा अवधि में मोबाइल फोन न हो. केन्द्राधीक्षक को सिर्फ की पैड वाला एक मोबाइल (स्मार्टफोन रहित) लाने की अनुमति होगी.