चेन्नई: चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार को राज्य के नौ इसरो वैज्ञानिकों 25-25 लाख रुपये नकद पुरस्कार की घोषणा की (MK Stalin announces Rs 25 lakh cash prize). वैज्ञानिकों में इसरो के पूर्व अध्यक्ष के सिवन भी शामिल हैं जिन्होंने भारत के चंद्रमा और सूर्य मिशन में भूमिका निभाई है.
पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिकों में चंद्रयान-3 परियोजना निदेशक पी वीरमुथुवेल, चंद्रयान-1 परियोजना निदेशक मायलस्वामी अन्नादुरई, लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (एलपीएससी) निदेशक वी नारायणन, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र एसएचएआर निदेशक ए राजराजन, यू आर राव सैटेलाइट सेंटर निदेशक एम शंकरन, इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (आईपीआरसी) के निदेशक जे असीर पैकियाराज, चंद्रयान-2 परियोजना निदेशक एम वनिता और आदित्य एल1 परियोजना निदेशक निगार शाजी भी शामिल हैं.
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#WATCH | Chennai | Project Director of Aditya L-1, Nigar Shaji says, "Aditya is going as planned, it has also travelled 9.2 lakh kilometres from the earth. We are planning some correction operations in November followed by the insertion in January...Once it starts moving into the… https://t.co/Eu28HKNq8Y pic.twitter.com/xs73N42UXn
— ANI (@ANI) October 2, 2023 " class="align-text-top noRightClick twitterSection" data="
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— ANI (@ANI) October 2, 2023
स्टालिन ने चेन्नई में एक समारोह में वैज्ञानिकों को सम्मानित करने के बाद कहा, '23 अगस्त पूरी दुनिया के लिए एक अविस्मरणीय दिन है क्योंकि भारत ने चंद्रमा पर अपना यान उतारा था. दूसरों के विपरीत, भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में लैंडर मॉड्यूल उतारा. परियोजना निदेशक वीरमुथुवेल तमिलनाडु से हैं और यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है.' उन्होंने इन नौ वैज्ञानिकों के नाम पर नौ छात्रवृत्तियां शुरू करने की भी घोषणा की.
स्टालिन ने कहा कि 'राज्य सरकार शिक्षा, छात्रावास शुल्क और अन्य खर्च वहन करेगी. वैज्ञानिकों की एक समिति पात्र छात्रों का चयन करेगी और सरकार इस छात्रवृत्ति के लिए 10 करोड़ रुपये का कोष आवंटित करेगी.'
इन नौ वैज्ञानिकों में से छह सरकारी स्कूलों में पढ़े हैं. वैज्ञानिकों में से दो महिलाएं हैं. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के युवाओं को उन्हें रोल मॉडल के रूप में लेना चाहिए और प्रगति करनी चाहिए.
स्टालिन ने इसरो में कार्यरत सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी और गगनयान मिशन की सफलता की कामना की. राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए सम्मान समारोह को लाइव देखने की व्यवस्था की थी.