बेतिया:बिहार के बेतिया में हर साल यही होता है जो इस साल हो रहा है. इस साल भी गंडक नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. इसके साथ ही इलाके के लोग अपने हाथों से अपने सपनों के आशियाने तोड़ रहे हैं. कटाव से चम्पारण पीडी रिंग बांध पर खतरा मंडराने लगा है. बांध से नदी की दूरी महज दस मीटर की रह गई है. सिंगहि घाट पर भीषण कटाव जारी है. सिंगहि गांव के ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल है.
कटाव से ग्रामीणों में दहशत: नदी की कटाव में बड़े-बड़े पेड़ तिनके की तरह बह रहे हैं. नदी की कटाव जमीन का सीना चीर कर अपने आगोश में ले रही है. नदी कटाव करते हुए अब आबादी के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है, जिसकी वजह से लोग अपने घरों को तोड़ कर समान ले जा रहे हैं, ताकि उनका घर नदी की कटान में विलीन न हो जाए. यहां इस सैंड बैग से कटाव नहीं रूक रहा है.
बांध और नदी की दूरी पांच मीटर :ईटीवी भारत ने इसी जगह से दो दिन पहले खबर दिखाई थी. जहां से बांध और नदी की दूरी 20 से 25 मीटर थी. गुरुवार को बांध से नदी की दूरी महज पांच मीटर रह गई है. ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल है. ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहें है. वहीं ग्रामीणों का आरोप है जो कटाव रोधी कार्य किया जा रहा है वह नकाफी है.
"सैंड बैग और बांस की बाड़ लगाकर कटाव को रोका जा रहा है. हर हाल में बांध का बचा लिया जाएगा. हाथ पांव का भी कार्य चल रहा है. गांव पर इसका असर नहीं पड़ेगा. इससे पहले ही कटाव को रोक दिया जाएगा"-संजय सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, जल संसाधन विभाग
सैंड बैग से कटाव रोकने की कोशिश:स्थानीय लोगों ने बताया कि सैंड बैग से कटाव रोकने की कोशिश की जा रहीं है. लेकिन यहां हाथी पांव की जरूरत है. तब जाकर कहीं गांव को बचाया जा सके. ग्रामीणों का कहना है कि वह लगातार यहां के अधिकारियों को फोन कर रहे थे, लेकिन कोई यहां पर नहीं पहुंचा.