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आगरा पुलिस ने फर्जी नोट बनाने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, ऐसे बनाते थे नकली करेंसी - AGRA NEWS

आगरा पुलिस ने फर्जी नोट बनाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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फर्जी नोट बनाने वाले आरोपी गिरफ्तार (pic credit; ETV Bharat)

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : Jan 8, 2025, 10:18 PM IST

आगरा:पुलिस कमिश्नरेट की एत्मादपुर थाना पुलिस ने नकली नोट छापने और उसे ग्रामीण क्षेत्र में खपाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने दो आरोपियों गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 7 हजार के नकली नोट बरामद हुए हैं. गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है. आरोपियों ने बताया कि उन्हें रुपयों की जरूरत थी. इसलिए सोशल मीडिया पर रुपयों की छपाई के बारे में सर्च किया. इससे जुड़े तमाम वीडियो मिले. इन्होंने सोशल मीडिया के वीडियो देखकर नकली नोट बनाना सीखा. इन्होंने स्कैनर और फोटोशॉप से नकली नोट बनाना शुरू कर दिए.


एत्मादपुर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि क्षेत्र में नकली नोट छपाई और खपाए जाने की शिकायत मिली तो छानबीन शुरू की. पुलिस ने थाना क्षेत्र के गांव नगला लाले में छापा मारा. वहां से दो अभियुक्त तेजेंद्र उर्फ काका पुत्र हरभजन सिंह मूल निवासी मंगोलपुरी, नई दिल्ली और अभियुक्त सुभाष पुत्र मान सिंह निवासी गांव नगला लाले को गिरफ्तार किया. दोनों से सात हजार रुपये, लेपटॉप, दो मोबाइल, प्रिंटर, स्कैनर, मेमोरी कार्ड, हीट एंबोजिंग मशीन, वाटर मार्क फ्रेम सेटअप, केमिकल, समेत अन्य सामान बरामद हुआ है.

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यूं बनाते थे नकली नोट :एत्मादपुर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि अभियुक्त तेजेंद्र उर्फ काका हाल में गांव में रह रहा था. सुभाष और तेजेंद्र उर्फ काका मिलकर ये काम कर रहे थे. अभियुक्त तेजेंद्र उर्फ काका और सुभाष ने पूछताछ में बताया कि दोनों को रुपये की जरूरत थी. रुपयों के लिए पहले चोरी और लूट करने की योजना बनाई. मोटी कमाई के लिए 500-500 रुपये के नकली नोट बनाने की प्लानिंग की. इसको लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो देखे. जिससे नकली नोट बनाने के लिए जरूरी सामान खरीदा.

इसके बाद असली नोट के स्कैन करके उस पर फोटोशॉप से सीरियल नंबर मिटाकर नए सीरियल नंबर डाल देते थे. इसके साथ ही वॉटर मार्क तक लगाकर नए नोट बनाने लगे. सुभाष के घर पर नकली नोट छापने लगे. कई सॉफ्टवेयर की मदद से ये काम करने लगे. अलग सीरियल नंबर बनाकर प्रिंटर की मदद से 10 रुपये के स्टांप पेपर पर प्रिंट कर देते थे. फिर ट्रेसिंग 5 स्टार फिल्म के माध्यम से वॉटर मार्क का फिल्म सेटअप तैयार करके नकली नोट पर वॉटर मार्क देते थे. हीट एंबोजिंग मशीन और ग्रीन कलर की फायल से नोट पर सिक्योरिटी थ्रेड देते थे. शीशा और पेपर कटर से नकली नोट की कटिंग करते थे.

ग्रामीण इलाकों में चलाते थे नोट :आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि नकली नोट तैयार करने के बाद ग्रामीण इलाकों में पहले खुद चलाकर आते थे. नकली नोट से घर का राशन खरीद कर लाए. जब लोगों उन्हें नहीं पहचान पाए तो ऐसे लोगों का नेटवर्क बनाया. जो नकली नोट को खपा सकें. इसमें फिरोजाबाद का बिट्‌टा नाम का युवक उनसे 500 रुपए के नकली नोट लेकर गया था. उसकी तलाश कर रही है. इसके साथ ही उनके नेटवर्क में कौन कौन लोग शामिल हैं. उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.

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