कोटा. भारतीय मजदूर संघ की तरफ से 23 सूत्री मांग पत्र को लेकर विद्युत वृत कार्यालयों पर धरना प्रदर्शन आयोजित हुए. इस दौरान विद्युत श्रमिकों ने कहा कि सरकार ने अगर उनकी मांग नहीं मांगी गई तो वह प्रदेश की बिजली व्यवस्था को ठप कर देंगे. जानकारी के अनुसार जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के नयापुरा और राजस्थान प्रसारण निगम लिमिटेड के सकतपुरा स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर भारतीय मजदूर संघ से जुड़े श्रमिक संघों ने 23 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर प्रदर्शन किया.
इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद बिजली कार्मिकों ने सरकार और विद्युत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी भी प्रशासन को दी है. भारतीय मजदूर संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सीपी शर्मा ने कहा कि मजदूरों की मांगे इतनी कठोर नहीं है, जिनको सरकार पूरी नहीं कर सकती है लेकिन सरकार की आदत पड़ गई है कि जब तक मजदूर आंदोलन नहीं करते हैं. उनकी मांग को नहीं माना जाता है. साथ ही उन्होंने कहा कि हमने अलग अलग स्तर पर प्रदर्शन कर लिए हैं. अब सितंबर माह में जयपुर विद्युत भवन का घेराव किया जाएगा.
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अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था को ठप कर देंगे. ब्लैक आउट होने के बाद सरकार को मजदूर संघ से समझौता करना ही पड़ेगा.जयपुर विद्युत वितरण श्रमिक संघ के कोटा वृत महामंत्री कपिल मालव ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में निजीकरण पर रोक लगाना, ठेका प्रथा समाप्त करना, आईटीआई धारक तकनीकी कर्मचारियों को बदलना, अल्प वेतन भोगी कार्मिकों का दूसरे स्थान पर स्थानांतरण पर रोक लगाना, जीएसएस का मेंटेनेंस, महिला तकनीकी कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव का लाभ देना, मंत्रालय कर्मचारियों को सचिवालय कर्मचारियों के समान वेतन देना और विद्युत भत्तों में बढ़ोतरी सहित अन्य कई मांगे हैं.