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हिमाचल विधानसभा चुनाव 2022: रविंद्र सिंह रवि का एलान विधानसभा चुनाव लड़ूंगा, जानें कहां से कर सकते दावेदारी... - Himachal Assembly Election 2022

हिमाचल विधानसभा चुनाव (Himachal Assembly Election 2022) करीब आते ही प्रदेश के सबसे बडे़ कांगड़ा जिले में सियासत का रंग चढ़ने लगा है. भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रविंद्र सिंह रवि ने एलान कर दिया कि वह चुनाव लड़ेंगे. वह देहरा से टिकट की मांग करेंगे या सुलह से यह तो पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ नहीं किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि मैं चुनाव हर कीमत पर लड़ूंगा.

हिमाचल विधानसभा चुनाव 2022
हिमाचल विधानसभा चुनाव 2022
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Published : Jul 23, 2022, 12:11 PM IST

Updated : Jul 23, 2022, 1:03 PM IST

कांगड़ा: विधानसभा चुनाव की (Himachal Assembly Election 2022) उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.वहीं, दूसरी तरफ प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में पूर्व कैबिनेट और 5 बार के विधायक रविंद्र सिंह रवि ने एलान कर दिया कि चुनाव लड़ूंगा चाहे जो हो जाए. रविंद्र सिंह रवि धूमल खेमे से आते हैं. उनके चुनाव लड़ने के एलान के बाद भाजपा की सियासत कांगड़ा में किस दिशा में जाएगी. इसको लेकर जहां राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई. वहीं, पार्टी में भी मंथन का दौर शुरू हो चुका है.

कांग्रेस से कोई संपर्क नहीं: उन्होंने पालमपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मैं विधानसभा चुनाव लड़ूंगा, चाहे कुछ भी हो जाए. उन्होंने कहा कि मेरा कांग्रेस के किसी बडे़ नेता से कोई संपर्क नहीं हुआ. उन्होंने कहा आज भी मैं कार्यकर्ताओं के साथ वैसे ही खड़ा होता हूं जैसा पहले होता था. सोशल मीडिया पर मेरा प्रचार किया जा रहा है.

5 बार लगातार जीता हूं: रविंद्र सिंह रवि ने कहा कि मैं लगातार 5 बार चुनाव जीता हूं. मुझसे ज्यादा बार कुछ लोगों ने अवश्य चुनाव जीता ,लेकिन में 5 बार लगातार जीता हूं 6 चुनाव लड़ा केवल एक चुनाव हारा हूं.उन्होंने कहा पहले मुझे थुरल की जनता ने सहयोग कर विधानसभा भेजा उसके बाद देहरा की जनता ने. मैं दोनों जगह की जनता का आभारी हमेशा रहूंगा.

वीरभद्र सिंह का भी जिक्र: रविंद्र रवि ने बिना किसी का नाम लिए बगैर कहा कि किसी नेता में दम हो तो अपना विधानसभा क्षेत्र छोड़कर चुनाव लड़े. मैंने छोड़कर चुनाव जीता, क्योंकि मेरा विधानसभा क्षेत्र पुनर्सीमांकन के चलेत आरक्षित हो गया था. उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता वीरभ्रद सिंह का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने भी विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर चुनाव लड़ा था.

देहरा विधायक रहे रविंद्र रवि: रविंद्र सिंह रवि देहरा से विधायक रहे, लेकिन 2017 में निर्दलीय उम्मीदवार होशियार सिंह ने रविंद्र सिंह रवि को हरा दिया.अब होशियार सिंह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. इसके बाद ठाकुर रविंद्र सिंह रवि ने चुनाव लड़ने का एलान कर दिया. उन्होंने सीधे शब्दों में कहा पार्टी टिकट नहीं देगी तो भी चुनाव लड़ूंगा.

सुलह से कर सकते दावेदारी: भाजपा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि रविंद्र सिंह रवि इस बार सुलह विधानसभा से पार्टी से टिकट की मांग कर सकते हैं. अगर भाजपा ने उन्हें सुलह या फिर देहरा से नजर अंदाज किया तो वो किसी भी पार्टी के झंडे तले चुनाव लड़ेंगे यह बात पत्रकारों से बातचीत के दौरान रविंद्र सिंह ने कही की विधानसभा चुनाव लड़ूंगा. कांगड़ा में भाजपा की राजनीति को करीब से देखने वालों की मानें तो कुछ महीनों से रविंद्र सिंह रवि की आमद सुलह विधानसभा में बढ़ गई है.

माना जा रहा है कि वह यहां से ही टिकट की दावेदारी पार्टी से पहले नंबर पर करेंगे. जानकारों का तो यहां तक मानना है कि देहरा हो या सुलह अगर रविंद्र सिंह रवि को टिकट नहीं मिला तो पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है. क्योंकि हिमाचल भाजपा की राजनीति में वह बड़े नेता के तौर पर देखे जाते रहे हैं, लेकिन यह भी सच है कि 2017 का चुनाव हारने के बाद उनका कद पार्टी में कम हो गया.

ये भी पढ़ें : क्या चुनावी साल में धूमल समर्थकों को मिलेगा हाईकमान का प्रेम या धूमिल होंगी आशाएं, मिशन रिपीट में पूर्व CM का कितना सहारा

कांगड़ा: विधानसभा चुनाव की (Himachal Assembly Election 2022) उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.वहीं, दूसरी तरफ प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में पूर्व कैबिनेट और 5 बार के विधायक रविंद्र सिंह रवि ने एलान कर दिया कि चुनाव लड़ूंगा चाहे जो हो जाए. रविंद्र सिंह रवि धूमल खेमे से आते हैं. उनके चुनाव लड़ने के एलान के बाद भाजपा की सियासत कांगड़ा में किस दिशा में जाएगी. इसको लेकर जहां राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई. वहीं, पार्टी में भी मंथन का दौर शुरू हो चुका है.

कांग्रेस से कोई संपर्क नहीं: उन्होंने पालमपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मैं विधानसभा चुनाव लड़ूंगा, चाहे कुछ भी हो जाए. उन्होंने कहा कि मेरा कांग्रेस के किसी बडे़ नेता से कोई संपर्क नहीं हुआ. उन्होंने कहा आज भी मैं कार्यकर्ताओं के साथ वैसे ही खड़ा होता हूं जैसा पहले होता था. सोशल मीडिया पर मेरा प्रचार किया जा रहा है.

5 बार लगातार जीता हूं: रविंद्र सिंह रवि ने कहा कि मैं लगातार 5 बार चुनाव जीता हूं. मुझसे ज्यादा बार कुछ लोगों ने अवश्य चुनाव जीता ,लेकिन में 5 बार लगातार जीता हूं 6 चुनाव लड़ा केवल एक चुनाव हारा हूं.उन्होंने कहा पहले मुझे थुरल की जनता ने सहयोग कर विधानसभा भेजा उसके बाद देहरा की जनता ने. मैं दोनों जगह की जनता का आभारी हमेशा रहूंगा.

वीरभद्र सिंह का भी जिक्र: रविंद्र रवि ने बिना किसी का नाम लिए बगैर कहा कि किसी नेता में दम हो तो अपना विधानसभा क्षेत्र छोड़कर चुनाव लड़े. मैंने छोड़कर चुनाव जीता, क्योंकि मेरा विधानसभा क्षेत्र पुनर्सीमांकन के चलेत आरक्षित हो गया था. उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता वीरभ्रद सिंह का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने भी विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर चुनाव लड़ा था.

देहरा विधायक रहे रविंद्र रवि: रविंद्र सिंह रवि देहरा से विधायक रहे, लेकिन 2017 में निर्दलीय उम्मीदवार होशियार सिंह ने रविंद्र सिंह रवि को हरा दिया.अब होशियार सिंह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. इसके बाद ठाकुर रविंद्र सिंह रवि ने चुनाव लड़ने का एलान कर दिया. उन्होंने सीधे शब्दों में कहा पार्टी टिकट नहीं देगी तो भी चुनाव लड़ूंगा.

सुलह से कर सकते दावेदारी: भाजपा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि रविंद्र सिंह रवि इस बार सुलह विधानसभा से पार्टी से टिकट की मांग कर सकते हैं. अगर भाजपा ने उन्हें सुलह या फिर देहरा से नजर अंदाज किया तो वो किसी भी पार्टी के झंडे तले चुनाव लड़ेंगे यह बात पत्रकारों से बातचीत के दौरान रविंद्र सिंह ने कही की विधानसभा चुनाव लड़ूंगा. कांगड़ा में भाजपा की राजनीति को करीब से देखने वालों की मानें तो कुछ महीनों से रविंद्र सिंह रवि की आमद सुलह विधानसभा में बढ़ गई है.

माना जा रहा है कि वह यहां से ही टिकट की दावेदारी पार्टी से पहले नंबर पर करेंगे. जानकारों का तो यहां तक मानना है कि देहरा हो या सुलह अगर रविंद्र सिंह रवि को टिकट नहीं मिला तो पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है. क्योंकि हिमाचल भाजपा की राजनीति में वह बड़े नेता के तौर पर देखे जाते रहे हैं, लेकिन यह भी सच है कि 2017 का चुनाव हारने के बाद उनका कद पार्टी में कम हो गया.

ये भी पढ़ें : क्या चुनावी साल में धूमल समर्थकों को मिलेगा हाईकमान का प्रेम या धूमिल होंगी आशाएं, मिशन रिपीट में पूर्व CM का कितना सहारा

Last Updated : Jul 23, 2022, 1:03 PM IST
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