पटना: कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के चलते ठंडे पड़े बाजारों में इस साल गर्माहट लौट आई है. नवरात्र से त्योहारों के सीजन की शुरुआत हो जाती है और इसके साथ ही इस बार नवरात्र (Sharad Bavaratri 2021) के मौके पर बाजार के अच्छे दिन आ गए हैं. दशहरा के मौके पर पिछले साल की तुलना में इस बार कारोबार अच्छा हुआ है. फल कारोबार (Fruit Market Bihar ), आभूषण कारोबार (Jewellery Market Bihar), कपड़ा व्यवसाय और ऑटोमोबाइल के साथ ही अन्य से 200 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ है. इस बार बाजार में पिछले साल की अपेक्षा रौनक लौटी है और व्यवसाय वर्ग के लोगों में उम्मीद जगी है.
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नवरात्रि के त्यौहार में फलों की डिमांड अधिक बढ़ जाती है. मां को भोग लगाने से लेकर व्रती के फलाहार तक में इसकी जरूरत होती है. ऐसे में नवरात्र के 9 दिनों में 10 करोड़ के फल का व्यापार हुआ है. फल कारोबार से जुड़े लोग भी इस बार के कारोबार में हुए सुधार से काफी खुश हैं.
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त्योहार के सीजन को लेकर व्यापारी पहले से ही काफी तैयारी किए रहते हैं और यह अनुमान लगा करके रखते हैं कि पर्व के मौके पर डिमांड बढ़ेगी. इसके लिए वह पहले से ही स्टॉक भी रख लेते हैं. ऐसे में अब बाजार की हालत पिछले साल की अपेक्षा काफी सुधरी है. बिहारवासियों ने इस बार नवरात्रि में सोने चांदी से लेकर कपड़ों की खरीदारी भी जमकर की है.
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बाजार समिति थोक फल मंडी में विभिन्न जिलों से व्यापारी भी पहुंचे हैं. सभी फलों की खरीदारी करके अपने-अपने जिलो में ले जाकर के फल का व्यापार करते हैं. नवरात्र के मौके पर बाजार समिति थोक भाव फल मंडी ने 10 करोड़ रुपये का कारोबार किया है. ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान बाजार समिति फल मंडी एसोसिएशन के सचिव भुट्टो खान ने बताया कि 2 साल पीछे की तुलना में इस साल नवरात्र में फल मंडी की स्थिति अच्छी रही है.
"बाजार समिति फल मंडी में बरसात की वजह से जलजमाव हो जाता है, जिस कारण से बाजार समिति फल मंडी की स्थिति खराब हो जाती है और लोग नहीं पहुंच पाते हैं. इस साल नवरात्रि में लगभग 4 से 5 करोड़ के सेब का कारोबार हुआ है तो वहीं अनार, केला, संतरा, नारियल मिलाकर 5 करोड़ का कारोबार हुआ है. इस नवरात्रि में लगभग 10 करोड़ का कारोबार फल का हुआ है."- भुट्टो खान, महासचिव, फल मंडी
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कोरोन के कारण लोगों के आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है, इसलिए लोगों ने उतनी जमकर खरीदारी नहीं की है, जिसकी उम्मीद की जा रही थी. लेकिन पिछले साल की तुलना में इस साल कारोबार अच्छा रहा है. वहीं आभूषण विक्रेता ओम प्रकाश ने बताया कि इस बार लोगों ने छोटे-छोटे आइटम के प्रति ज्यादा रुझान दिखाया है.
"पिछले साल तो दुर्गा पूजा भव्य तरीके से नहीं हो पाया था लेकिन इस साल दुर्गा पूजा को लेकर के लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला है. जिस कारण से ज्वेलरी की डिमांड काफी रही है. लोगों ने जमकर खरीदारी की है. हालांकि अगर आंकड़ों की बात करें लगभग 50 से 60 करोड़ बताया जा रहा है."- ओमप्रकाश कुमार, ज्वेलरी विक्रेता
कपड़ा का बाजार भी इस नवरात्रि में काफी अच्छा रहा है. कपड़ा के थोक भाव विक्रेता मोहम्मद सरफराज आलम ने बताया कि नवरात्र को लेकर व्यापारी वर्ग ने पहले से ही ग्राहकों के डिमांड को पूरा करने के लिए तैयारी कर ली थी.
"व्यापारी सभी डिजाइन के कपड़ों को स्टॉक करके रखते हैं और लोग नवरात्र में खास करके नए कपड़े की खरीदारी करते हैं. छोटे-छोटे बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिलता है. इसलिए अभिभावक बच्चों के लिए कपड़ों की खरीदारी जरूर करते हैं. कपड़ों का कारोबार इस बार पिछले साल से अच्छा रहा है. 20 से 30 करोड़ रुपए का कारोबार सिर्फ कपड़ा से हुआ है."- सरफराज खान, कपड़ा व्यपारी
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस नवरात्र से बाजार की रौनक लौटने लगी है. व्यवसाय भी पटरी पर लौटने लगी है. आभूषण खरीदार चांदनी ने बताया कि दुर्गा पूजा को लेकर लोगों में भी काफी उत्साह है. पिछले साल इतने अच्छे ढंग से कोई भी पर्व नहीं मना पाए थे.इस साल लोगों ने ज्वेलरी, कपड़े की खूब खरीदारी की है.
आपको बता दें कि दीपावली तक कारोबार में और बढ़ोतरी होने की संभावना है. अगर बात की जाए दोपहिया और चार पहिए वाहन की बिक्री की तो दुर्गा पूजा के मौके पर इसकी बिक्री कम ही हुई है. लेकिन उम्मीद है कि दीपावली और धनतेरस पर जमकर बुकिंग होगी. एजेंसी मालिकों का कहना है कि दुर्गा पूजा से ज्यादा दीपावली में कारोबार हो पाएगा.
जानकारों की अगर मानें तो उनका कहना है कि जिस तरह से पेट्रोल डीजल के दामों पर उछाल आया है, ऐसे में वाहन खरीदारी में गिरावट आई है. लेकिन उन्होंने बताया कि ग्राहक जरूरत और आवश्यकता के अनुसार अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए बाजार में पहुंचकर खरीदारी कर रहे हैं.
धनतेरस में वाहन की बिक्री बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. वहीं इस बार नवरात्र के त्योहार में राजधानी पटना में भक्तों ने जमकर मिठाई की भी खरीदारी की है. इस नवरात्र 3 से 5 करोड़ रुपए की मिठाई का व्यापार हुआ है. ऐसे मिठाई व्यापारी वर्ग के लोगों का कहना है कि नवरात्र के त्योहार में तरह-तरह के मिठाई की डिमांड बढ़ जाती है, क्योंकि बहुत सारे जो श्रद्धालु भक्त होते हैं, वह उपवास रखते हैं और उपवास के कारण मिठाई की डिमांड बढ़ जाती है.नवरात्रि के 9 दिनों में जो भी मां के श्रद्धालु भक्त पूजा अर्चना करते हैं, वह फल, मेवा मिष्ठान पर ही मां की पूजा आराधना करते हैं. ऐसे में मिठाई की भी डिमांड काफी बढ़ी हुई थी.