पटना: पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अपने ही सरकार के शराबबंदी कानून को लेकर कहा (Former CM Jitan Ram Manjhi on liquor ban in Bihar) है कि शराबबंदी कानून के तहत जिस तरह से प्रदेश में ताड़ी पर प्रतिबंध लगाया गया है, वह उचित नहीं है. उस पर जदयू मंत्री श्रवण कुमार (JDU minister reacted On Jitan Ram Manjhi statement) ने कहा कि सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत लोगों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. जो लोग ताड़ी और शराब के धंधे में लगे हुए हैं उनको एक लाख रुपया रोजगार के लिए दिया जा रहा है 147000 लोगों को अभी तक हम लोगों ने चिन्हित किया है.
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आधी आबादी के कहने पर CM ने किया है इसे लागू: पहले ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का लाभ दिया गया है. अब शहरों में भी लोगों को इस योजना से जोड़ रहे हैं. जीतन राम मांझी की ओर से बार-बार ताड़ी और शराबबंदी को लेकर दिए जा रहे हैं बयान पर श्रवण कुमार (JDU minister Shravan Kumar) ने कहा यह तो उन्हीं से पूछिये. लेकिन नीतीश कुमार ने शराबबंदी की है. जो लोग प्रभावित हैं उन्हें वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था की गई है और जब वैकल्पिक व्यवस्था है. उनके जीने खाने का इंतजाम किया गया है और मुख्यमंत्री ने आधी आबादी के कहने पर इसे लागू किया है. तो उनका भी सम्मान होना चाहिए.
ताड़ी पर प्रतिबंध को लेकर क्या बोले पूर्व मुख्यमंत्री मांझी: इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अपने ही सरकार के शराबबंदी कानून को लेकर तंज कसा और कहा है कि शराबबंदी कानून के तहत जिस तरह से प्रदेश में ताड़ी पर प्रतिबंध लगाया गया है, वह उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि ताड़ी एक पेय पदार्थ है. उसको शराबबंदी कानून के तहत प्रतिबंध लगाना कहीं से भी हमें उचित नहीं लग रहा है. उन्होंने कहा कि ताड़ी बेचने के व्यवसाय में सिर्फ पासी समाज के ही लोग नहीं, बल्कि कई गरीब लोग भी करते रहे हैं.
"नीतीश कुमार ने शराबबंदी किया है तो जो लोग प्रभावित हैं. उन्हें वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था की गई है और जब वैकल्पिक व्यवस्था है. उनके जीने खाने का इंतजाम किया गया है तो सबको मिलकर सहयोग करना चाहिए. जिससे जो सामाजिक बुराई है. वह दूर हो सके और मुख्यमंत्री ने आधी आबादी के कहने पर इसे लागू किया है तो उनका भी सम्मान होना चाहिए." :- श्रवण कुमार, मंत्री
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