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बिहपुर पुलिस की पिटाई से हुई आशुतोष पाठक की मौत, न्याय की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया हंगामा - भागलपुर न्यूज

पुलिसकर्मियों की ओर से हुई पिटाई में घायल आशुतोष कुमार पाठक की मौत के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया. उन्होंने कहा कि घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मी और अधिकारी के ऊपर 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए.

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Published : Oct 27, 2020, 5:38 PM IST

भागलपुर: जिला के मरवा निवासी मृतक आशुतोष पाठक की मौत को लेकर एक दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया. बताया जा रहा है कि 24 अक्टूबर की शाम आशुतोष कुमार पाठक की कहासुनी बिहपुर पुलिस और थानाध्यक्ष रंजीत कुमार मंडल से महंत स्थान चौक एनएच 31 पर हुई. जिसके बाद आशुतोष पाठक को बिहपुर थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार मंडल ने पुलिस बल का प्रयोग करते हुए उसकी गिरफ्तारी की. गिरफ्तार कर उसे थाना लाया गया.

पुलिस प्रशासन के खिलाफ हुई बैठक
वहीं, इसके बाद पुलिसकर्मियों की ओर से उन्हे अर्ध नग्न करके लाठी-डंडे और बंदूक की बट से बुरी तरह से पीटा गया. जानकारी मिलने के बाद आशुतोष पाठक के परिजन छुड़वाने थाने गए तो उसके साथ थानाध्यक्ष रंजीत कुमार मंडल और पुलिसकर्मी ने अभद्र व्यवहार किया. जबकि आशुतोष कुमार पाठक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. उनकी स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह मरणासन्न पर हो गए. इसके बाद पुलिस की ओर से परिजनों को बुलाकर कहा गया कि इलाज करवाओ अब पुलिस से जिंदगी भर नहीं उलझेगा. परिजन आनन-फानन में निजी क्लिनिक में लेकर आए. जहां उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर निजी क्लीनिक भेजा गया. लेकिन स्थिति काफी खराब होने के कारण वहां उसे मायागंज अस्पताल भागलपुर रेफर किया गया. जहां इलाज के दौरान ही उनकी मौके पर मौत हो गई. इसी आक्रोश में अगले दिन एन एच 31 पर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ. सड़क पर टायर जलाकर परिजन और ग्रामीण इंसाफ की मांग करते हुए शव को सड़क पर रखकर लगभग 6 घंटे तक आवागमन बाधित कर दिया.

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
वहीं, घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक स्वप्ना जी मेश्राम नवगछिया ने बिहपुर थाना अध्यक्ष रणजीत कुमार मंडल को निलंबित कर दिया. इन्हीं मुद्दों को लेकर पुलिस के इस तरह का क्रूरता पूर्ण व्यवहार के खिलाफ मंगलवार को मरवा ठाकुरबारी प्रांगण में हजारों की संख्या में इलाके के लोग और ब्राह्मण भूमिहार एकता मंच के अधिकारी मृतक आशुतोष पाठक को न्याय दिलाने के लिए बैठक की. बैठक में इस घटना में संलिप्त सभी अधिकारी, पुलिसकर्मी और प्राइवेट ड्राइवर के ऊपर 302 का मुकदमा कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई. लोगों ने कहा कि इनमें संलिप्त सभी दोषियों के ऊपर स्पीड ट्रायल किया जाए. सभी पुलिस अधिकारी या प्राइवेट ड्राइवर को 2 दिन के अंदर गिरफ्तारी हो. परिवार को 10 लाख मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग को लेकर बैठक किया गया. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगले 2 दिन के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगा तो हम लोग उग्र आंदोलन कर बिहपुर थाना का घेराव करेंगे.

भागलपुर: जिला के मरवा निवासी मृतक आशुतोष पाठक की मौत को लेकर एक दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया. बताया जा रहा है कि 24 अक्टूबर की शाम आशुतोष कुमार पाठक की कहासुनी बिहपुर पुलिस और थानाध्यक्ष रंजीत कुमार मंडल से महंत स्थान चौक एनएच 31 पर हुई. जिसके बाद आशुतोष पाठक को बिहपुर थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार मंडल ने पुलिस बल का प्रयोग करते हुए उसकी गिरफ्तारी की. गिरफ्तार कर उसे थाना लाया गया.

पुलिस प्रशासन के खिलाफ हुई बैठक
वहीं, इसके बाद पुलिसकर्मियों की ओर से उन्हे अर्ध नग्न करके लाठी-डंडे और बंदूक की बट से बुरी तरह से पीटा गया. जानकारी मिलने के बाद आशुतोष पाठक के परिजन छुड़वाने थाने गए तो उसके साथ थानाध्यक्ष रंजीत कुमार मंडल और पुलिसकर्मी ने अभद्र व्यवहार किया. जबकि आशुतोष कुमार पाठक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. उनकी स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह मरणासन्न पर हो गए. इसके बाद पुलिस की ओर से परिजनों को बुलाकर कहा गया कि इलाज करवाओ अब पुलिस से जिंदगी भर नहीं उलझेगा. परिजन आनन-फानन में निजी क्लिनिक में लेकर आए. जहां उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर निजी क्लीनिक भेजा गया. लेकिन स्थिति काफी खराब होने के कारण वहां उसे मायागंज अस्पताल भागलपुर रेफर किया गया. जहां इलाज के दौरान ही उनकी मौके पर मौत हो गई. इसी आक्रोश में अगले दिन एन एच 31 पर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ. सड़क पर टायर जलाकर परिजन और ग्रामीण इंसाफ की मांग करते हुए शव को सड़क पर रखकर लगभग 6 घंटे तक आवागमन बाधित कर दिया.

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
वहीं, घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक स्वप्ना जी मेश्राम नवगछिया ने बिहपुर थाना अध्यक्ष रणजीत कुमार मंडल को निलंबित कर दिया. इन्हीं मुद्दों को लेकर पुलिस के इस तरह का क्रूरता पूर्ण व्यवहार के खिलाफ मंगलवार को मरवा ठाकुरबारी प्रांगण में हजारों की संख्या में इलाके के लोग और ब्राह्मण भूमिहार एकता मंच के अधिकारी मृतक आशुतोष पाठक को न्याय दिलाने के लिए बैठक की. बैठक में इस घटना में संलिप्त सभी अधिकारी, पुलिसकर्मी और प्राइवेट ड्राइवर के ऊपर 302 का मुकदमा कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई. लोगों ने कहा कि इनमें संलिप्त सभी दोषियों के ऊपर स्पीड ट्रायल किया जाए. सभी पुलिस अधिकारी या प्राइवेट ड्राइवर को 2 दिन के अंदर गिरफ्तारी हो. परिवार को 10 लाख मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग को लेकर बैठक किया गया. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगले 2 दिन के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगा तो हम लोग उग्र आंदोलन कर बिहपुर थाना का घेराव करेंगे.

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