पटना :रुपौली विधानसभा में होने वाले उपचुनाव के लिए सरगर्मी बढ़ गई है. NDA और इंडिया गठबंधन के लिए यह प्रतिष्ठा की सीट बन गई है.10 जुलाई की रुपौली में वोटिंग होगी. जदयू ने कलाधर मंडल को अपना यहां से उम्मीदवार बनाया है, लेकिन इंडिया गठबंधन के घटक दलों में उम्मीदवारी को लेकर पेंच फंसता दिखाई दे रहा है. बीमा भारती के आरजेडी में शामिल होने के बाद ये सीट खाली हुई थी. इसीलिये यहां पर उपचुनाव कराया जा रहा है.
कलाधर मंडल हैं जदयू उम्मीदवार : रूपौली विधानसभा सीट बीमा भारती के इस्तीफा दिए जाने के बाद खाली हुई है. जेडीयू ने कलाधर मंडल को अपना प्रत्याशी तय कर लिया है. रुपौली विधानसभा उपचुनाव के लिए 21 जून तक नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख है. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बीमा भारती ने जेडीयू छोड़कर आरजेडी का दामन थामा लिया था. बीमा भारती पूर्णिया लोकसभा चुनाव इंडिया गठबंधन से राजद के बैनर तले लड़ा था और वह चुनाव हार गईं. इसके बाद अब रुपौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है.
अवधेश मंडल के निर्दलीय लड़ने की चर्चा : बीमा भारती की परंपरागत सीट से इस बार उनके पति के निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चा है. रुपौली विधानसभा से बीमा भारती पांच बार विधायक रह चुकी हैं, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में हार के बाद चर्चा है कि बार बीमा भारती विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी. चर्चा है कि इस बार उनके पति अवधेश मंडल रुपौली विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दावेदारी पेश करेंगे.
इंडिया गठबंधन के तरफ से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार उतारने की बात हो रही है. 2020 विधानसभा चुनाव में जदयू की बीमा भारती ने भाकपा के विकासचंद्र मंडल को करीब 19 हजार मतों से पराजित किया था. एक बार फिर से विकास चंद्र मंडल के उम्मीदवार बनने की भी चर्चा हो रही है.
प्रत्याशी चयन न होने पर जदयू का तंज: रुपौली विधानसभा उपचुनाव के लिए अभी तक इंडिया गठबंधन की तरफ से प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गई है. इस पर जदयू के प्रवक्ता अभिषेक झा ने तंज कसते हुए कहा कि परीक्षा की तैयारी नहीं की जाती है. परीक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना पड़ता है. हमारी पार्टी हमारे नेता और हमारे कार्यकर्ता हमेशा हर चुनौतियां हर परीक्षा के लिए तैयार रहते हैं.
''विधानसभा उपचुनाव के लिए हमारी पार्टी ने कलाधर मंडल के नाम की घोषणा कर दी है. वहां की जनता और वहां के लोगों ने हमारे प्रत्याशी को पहले भी अपना आशीर्वाद दिया है और इस बार भी अपना आशीर्वाद देंगे. जबकि विपक्षी गठबंधन अभी तक अपने प्रत्याशी का चयन तक नहीं कर पाए हैं. हमने आधी लड़ाई चुनाव से पहले ही जीत ली है.''