इंदौर।इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने फिर सख्ती दिखाई. पहला मामला इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र का है. भंवरकुआं पुलिस ने सुमित डेविड के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था. सुमित डेविड ने इंदौर हाई कोर्ट में जमानत को लेकर याचिका लगाई. इस पर सरकारी वकील ने हाई कोर्ट को बताया कि थाना प्रभारी राजकुमार यादव को कई बार लिखित सूचना दी लेकिन वह ना तो संज्ञान ले रहे हैं ना कोर्ट के समक्ष हाजिर हो रहे हैं. इस पर हाईकोर्ट ने डीसीपी और टीआई को तलब किया.
नोटिस जारी होने के बाद भी चालान पेश नहीं किया
लगातार हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं होने वाले थाना प्रभारी राजकुमार यादव के खिलाफ जमानती वारंट भी जारी कर दिया. इसकी जानकारी जब वरिष्ठ अधिकारियों को लगी तो डीसीपी ऋषिकेश मीणा ने हाई कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी. वहीं, दूसरा मामला विजयनगर थाना क्षेत्र का है. विजयनगर पुलिस ने धारा 420, 467, 468 के तहत प्रकरण दर्ज किया, लेकिन 1 साल 8 महीने गुजर जाने के बाद भी कोर्ट में चालान पेश नहीं किया. इसके बाद कोर्ट ने चालान पेश करने के आदेश दिया. लेकिन अवधि भी जाने के बाद भी पुलिस ने चालान पेश नहीं किया. इसलिए कोर्ट ने एसीपी और थाना प्रभारी को अवमानान का नोटिस जारी किया.
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