इंदौर।देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के नगर निगम घोटालों का गढ़ बन गया है. अब करीब सवा करोड़ का एलईडी लाइट मेंटेनेंस घोटाला सामने आया है. बता दें कि शहर में लगी एलईडी लाइट के मेंटेनेंस का जो काम ठेके से होना था. वह काम अधिकारी नगर निगम के जरिए करवा रहे थे और ठेके की रकम को अधिकारी जेब में रख रहे थे. कांग्रेस ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त और आर्थिक अपराध ब्यूरो से की है. साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन विभाग से की है.
सूर्या रोशनी लिमिटेड को 10 करोड़ का मिला था ट्रेंडर
दरअसल, इंदौर शहर की स्ट्रीट लाइटों को बदलने के लिए इंदौर नगर निगम ने दिल्ली की सूर्या रोशनी लिमिटेड को वर्ष 2019 में कॉट्रेक्ट दिया था. इस कॉटेक्ट के बाद शहर के आसपास की करीब 4 हजार एलईडी लाइट लगाने का भी कॉट्रेक्ट इसी कंपनी को दिया गया था. दोनों टेंडरों की लागत 10 करोड़ थी, जिसके तहत कुल 12 हजार एलईडी लाइटें लगाई जानी थी और उनका मेंटेनेंस भी करना था.
सूर्या रोशनी लिमिटेड को करना था मेंटेनेंस
नगर निगम के अधिकारी आशुतोष शर्मा ने सूर्या रोशनी लिमिटेड को टेंडर देने के बाद लाइटों के मेंटेनेंस का कार्य सूर्या रोशनी लिमिटेड की जगह असंवैधानिक तरीके से इंदौर की कंपनी दम्माणी इलेक्ट्रिकल को दिला दिया. जबकि टेंडर अनुसार मेंटेनेंस का कार्य सूर्या रोशनी लिमिटेड को ही करना था. इसके पश्चात सूर्या रोशनी लिमिटेड ने संपूर्ण एलईडी लाइट लगाकर पेमेंट लेकर दिल्ली रवाना हो गई.
फर्जी बिल लगाकर हुआ भुगतान
स्मार्ट सिटी एवं विद्युत विभाग के अधिकारी इन रिप्लेस एलईडी लाइटों का अन्य जगह उपयोग करके फर्जी बिल लगाकर भुगतान मेंटेनेंस के नाम पर ले रहे थे. निगम के अमले के पास मौजूद अन्य एलईडी लाइट को निगम की गाड़ियों से बदला देते हैं. इसके बाद ना तो दम्माणी इलेक्ट्रिकल का पता चला ना ही सूर्या इलेक्ट्रिकल द्वारा मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ली गई. बाद में पड़ताल करने पर पता चला नगर निगम के टेंडर की शर्तों के अनुसार प्रतिवर्ष मेंटेनेंस का 24 लाख रुपये भुगतान स्मार्ट सिटी द्वारा सूर्या रोशनी लिमिटेड को किया जाता हैं, जबकि मेंटेनेंस का काम यह कंपनी पहले ही एक डमी कंपनी को दे चुकी थी.