रायपुर:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब और मजबूर लोगों को इलाज मुहैया कराने के लिए आयुष्मान कार्ड की शुरुआत की थी. केंद्र सरकार की मंशा थी कि गंभीर बीमारी के चलते किसी गरीब की जान नहीं जानी चाहिए. पर अब आयुष्मान कार्ड के तहत लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं खटाई में पड़ सकती है. दरअसल रायपुर के अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड के तहत लोगों का इलाज बंद कर दिया है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी कहना है कि सरकार की ओर से नवंबर से लेकर अब तक प्रदेश भर में लगभग 800 करोड़ का भुगतान अस्पतालों को नहीं किया गया है. पैसों का भुगतान नहीं होने की वजह से अस्पताल काम नहीं कर पा रहे हैं. पैसों के भुगतान नहीं किए जाने का मुद्दा अब विपक्ष ने लपक लिया है.
बंद हो सकता है आयुष्मान कार्ड से इलाज!: आईएमए का कहना है कि अगर लंबे वक्त तक भुगतान को रोक दिया जाता है तो उससे व्यवस्था को चलना मुश्किल हो जाता है. आईएमए के मुताबिक वो लगातार समस्या के समाधान के लिए सरकार के संपर्क में है. शासन स्तर पर भुगतान के लिए बातचीत भी हो रही है. हमारी कोशिश है कि जल्द इस समस्या को निपटाया जाए.
शासन स्तर पर समस्या को लेकर बातचीत चल रही है. लंबित भुगतान को जल्द किया जाए. लंबित भुगतान को लेकर जो आयुष्मान में गाइडलाइन है उसका पालन हो. गाइडलाइन के मुताबिक इलाज के डेढ़ महीने के बाद भुगतान हो जाना चाहिए जो नहीं हो पाया है. करीब 6 से सात महीने तक का भुगतान बकाया है. छोटे अस्पताल इससे मुश्किल में हैं. लंबे वक्त तक पैसा नहीं मिलने से व्यवस्था बिगड़ रही है. अगर ऐसा ही रहा तो काम बंद होने की भी स्थिति बन सकती है. - राकेश गुप्ता, अध्यक्ष, आईएमए,रायपुर
आयुष्मान कार्ड के तहत उपचार बंद करने की जानकारी नहीं है. यह जरूर है कि रायपुर में आयुष्मान कार्ड का भुगतान न होने के कारण अस्पतालों में उपचार करने में दिक्कत आ रही है. इस मामले को लेकर सभी जिलों से जानकारी जुटाई जा रही है उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा.- डॉ. नितिन जुनेजा, प्रदेश सचिव, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन