लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की अध्यक्षता में मंगलवार को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में क्षेत्र पंचायत प्रमुखों की प्रशिक्षण कार्यशाला हुई. उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग की तरफ से ओडीएफ प्लस योजना पर कार्य किया जा रहा है. गांवों में कूड़े के प्रबंधन को ध्यान में रखकर सॉलिड और लिक्विड मैनेजमेंट की दिशा में पंचायतीराज विभाग काम कर रहा है.
कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था गांवों में ही की जा रही है. कूड़े के प्रबंधन से ग्राम पंचायत की स्वयं की आर्थिक स्रोत बन रहे है. इसके अलावा पंचायतीराज संस्थाओं की कार्य प्रणाली में परिवर्तन देखने को मिला है. प्रदेश की सभी पंचायतें अपना काम ऑनलाइन कर रही हैं. उन्होंने कहा कि ब्लॉक प्रमुखों की मदद के लिए ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर तैनात किए जाएंगे. मंत्री की तरफ से क्षेत्र पंचायत प्रमुखों की तरफ से नौ सूत्री मांग पत्र पर गम्भीरतापूर्वक विचार कर निस्तारण करने का आश्वासन दिया गया.
कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था गांवों में ही की जा रही है- ओमप्रकाश राजभर (Photo Credit- ETV Bharat) उन्होंने प्रमुख मांगों में से वित्तीय कार्ययोजना को कराने के लिए स्वीकृत 10 लाख रुपये की राशि को बढ़ाकर 15 लाख रुपये तक करने की घोषण की. उन्होंने कहा कि वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति को प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत तक बढ़ाने पर भी विचार किया जायेगा, ताकि क्षेत्र पंचायत की कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जा सके. आकस्मिक व्यय नियमावली के तहत धनराशि की व्यवस्था की स्थिति अन्य प्रदेशों में क्या है, का अध्ययन करने के बाद जल्द ही उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू किया जायेगा.
इससे आपदा के समय में पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की जा सकेगी. पंचायतीराज मंत्री ओपी राजभर ने ब्लॉक प्रमुखों की समस्याओं को गम्भीरतापूर्वक सुना. उन्होंने कहा कि आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए और तकनीकी सहायता के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रत्येक ब्लॉक में ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर की नियुक्ति की जाएगी. ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर की नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा जा चुका है.
ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर क्षेत्र स्तर पर योजनाओं एवं उसमें आ रही समस्याओं से शासन को अवगत कराएंगे- राजभर (Photo Credit- ETV Bharat) ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर क्षेत्र स्तर पर योजनाओं एवं उसमें आ रही समस्याओं से शासन को अवगत करायेंगे. इसका निराकरण शासन स्तर से कराया जा सकेगा. लखनऊ में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत का राज्य स्तरीय कार्यालय खोले जाने पर भी विभाग जल्द ही निर्णय लेगा.
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