रायपुर:भाजपा ने 2 सितंबर 2024 से सदस्यता अभियान की शुरुआत की. अभियान में सबसे पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री मोदी को पार्टी का सदस्य बनाया. पीएम के बाद बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. पार्टी ने इस सदस्यता अभियान को ''संगठन पर्व, सदस्यता अभियान 2024'' नाम दिया. बीजेपी के सदस्यता अभियान का जोर शोर से छत्तीसगढ़ में भी आगाज हुआ. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने सबसे पहले सीएम विष्णु देव साय को पार्टी का सदस्य बनाया.
छत्तीसगढ़ में बीजेपी का परिवार 60 लाख के पार:छत्तीसगढ़ में बीजेपी के सफल सदस्यता अभियान पर सीएम विष्णु देव साय ने खुशी जाहिर की है. विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने 60 लाख सदस्य बनाने का टारगेट हासिल कर लिया है. सीएम ने सदस्यता अभियान से जुड़े सभी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को इसके लिए बधाई दी है. सीएम ने कहा है कि छ्त्तीसगढ़ में बीजेपी परिवार अब साठ लाख के पार पहुंच गया है.
3 सितंबर से छत्तीसगढ़ में शुरु हुआ सदस्यता अभियान:3 सितंबर 2024 से पूरे छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी का सदस्यता अभियान शुरु हुआ. प्रदेश अध्यक्ष ने सबसे पहले सीएम साय को पार्टी का सदस्य बनाया. साय ने पार्टी की इस सफलता पर कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि हम इतनी बड़ी पार्टी के सदस्य हैं. सीएम ने कहा कि हमें गर्व के साथ साथ राष्ट्र के निर्माण में मजबूत भागीदार बनकर काम करना है. जनता के हित के लिए हमेशा आगे रहना है. एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए काम करना है.
छत्तीसगढ़ में दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन भाजपा की सदस्यता का आंकड़ा 60 लाख के लक्ष्य को पार कर गया है. मैं इन सभी सदस्यों का भाजपा परिवार में हार्दिक स्वागत करता हूं, जो राष्ट्र निर्माण में मजबूत भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं. :विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
सदस्यता अभियान से जुड़े लाखों कार्यकर्ता और नेता: भारतीय जनता पार्टी ने सदस्यता अभियान को सफल बनाने के लिए ऑनलाइन मोड पर काम 2 सितंबर से शुरु कर दिया. अभियान को सफल बनाने और सदस्यों को जोड़ने के लिए मिस्ड कॉल, नमो एप, वेबसाइट, क्यूआर कोड को स्कैन करने जैसे तरीकों की मदद ली गई. पार्टी के नियमों के मुताबिक बीजेपी में कोई शख्स सिर्फ पांच सालों के लिए पार्टी का सदस्य रह सकता है. छह साल बीतने के बाद उसे फिर से पार्टी की सदस्यता लेनी पड़ती है. पार्टी हर बार पांच साल पर सदस्यता अभियान चलाती है.