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राशन कार्ड की छपाई का ठेका देने के नाम पर करता था ठगी, पुलिस ने लखनऊ से दबोचा

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Published : Aug 2, 2022, 5:46 PM IST

रुद्रपुर पुलिस ने फर्जी करारनामा के जरिए ई-राशन कार्ड छापने का ठेका देने और उसके एवज में लाखों रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को लखनऊ से गिरफ्तार किया है.

Uttarakhand Crime News
रुद्रपुर पुलिस का खुलासा

रुद्रपुर: फर्जी करारनामा दिखा कर रुद्रपुर की एक फर्म से 38 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले शातिर को ट्रांजिट कैंप पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है. आरोपी राशन कार्ड टेंडर देने के नाम पर लोगों को ठगने का काम करता था. आरोपी के खिलाफ नैनीताल जिले में भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है.

ट्रांजिट कैंप पुलिस के मुताबिक बीते 11 जून को अक्षय बाबा मेसर्स जीविका इंटरप्राइजेज के मालिक ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि ज्ञान प्रकाश निवासी गोरखपुर हाल निवासी गोल मार्केट महानगर लखनऊ और उसके एक अन्य साथी द्वारा बताया गया था कि उनकी कंपनी युवा शक्ति और टेक महिंद्रा के बीच पूरे देशभर में ई-राशन कार्ड बनाने का करार हुआ था.

आरोपियों द्वारा उनकी फार्म को करारनामा दिखा कर उनसे उधमसिंह नगर का ठेका देने और सिक्योरिटी की रूप में 38 लाख रुपए ले लिए. जब लंबे समय तक उन्हे ठेका नही मिला तो संबंधित फर्म के बारे में पता किया तो संबंधित फर्म फर्जी पाई गई. मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी ज्ञान प्रकाश को लखनऊ से गिरफ्तार किया है.

पढ़ें: कॉर्बेट अतिक्रमण केस: 3 IFS अफसरों के खिलाफ विजिलेंस जांच पूरी, FIR का इंतजार, लपेटे में आ सकते हैं हरक

आरोपी के खिलाफ नैनीताल जनपद में भी धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. एसएसपी मंजू नाथ टीसी ने बताया की आरोपी व्यापारियों को अपने जाल में फंसाते थे और फिर सिक्योरिटी के रूप में लाखों रुपए ऐड कर रफूचक्कर हो जाते थे. आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही आरोपी से पुलिस टीम पूछताछ भी कर रही है.

रुद्रपुर: फर्जी करारनामा दिखा कर रुद्रपुर की एक फर्म से 38 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले शातिर को ट्रांजिट कैंप पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है. आरोपी राशन कार्ड टेंडर देने के नाम पर लोगों को ठगने का काम करता था. आरोपी के खिलाफ नैनीताल जिले में भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है.

ट्रांजिट कैंप पुलिस के मुताबिक बीते 11 जून को अक्षय बाबा मेसर्स जीविका इंटरप्राइजेज के मालिक ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि ज्ञान प्रकाश निवासी गोरखपुर हाल निवासी गोल मार्केट महानगर लखनऊ और उसके एक अन्य साथी द्वारा बताया गया था कि उनकी कंपनी युवा शक्ति और टेक महिंद्रा के बीच पूरे देशभर में ई-राशन कार्ड बनाने का करार हुआ था.

आरोपियों द्वारा उनकी फार्म को करारनामा दिखा कर उनसे उधमसिंह नगर का ठेका देने और सिक्योरिटी की रूप में 38 लाख रुपए ले लिए. जब लंबे समय तक उन्हे ठेका नही मिला तो संबंधित फर्म के बारे में पता किया तो संबंधित फर्म फर्जी पाई गई. मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी ज्ञान प्रकाश को लखनऊ से गिरफ्तार किया है.

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आरोपी के खिलाफ नैनीताल जनपद में भी धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. एसएसपी मंजू नाथ टीसी ने बताया की आरोपी व्यापारियों को अपने जाल में फंसाते थे और फिर सिक्योरिटी के रूप में लाखों रुपए ऐड कर रफूचक्कर हो जाते थे. आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही आरोपी से पुलिस टीम पूछताछ भी कर रही है.

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