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यूपी सरकार के विज्ञापन में कोलकाता के फ्लाई ओवर की तस्वीर, ट्रोलर्स के निशाने पर योगी सरकार - लखनऊ खबर

योगी सरकार के एक विज्ञापन को लेकर विपक्षी दलों ने हमला बोल दिया है. विज्ञापन में जिन तस्वीरों को लगाया गया, वह तस्वीरें पश्चिम बंगाल में कोलकाता की हैं. विज्ञापन में जब विकास की झूठी तस्वीर सामने आई तो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर सरकार विपक्ष के साथ-साथ जनता के निशाने पर ट्रोल होना शुरू हो गई.

यूपी सरकार के विज्ञापन में कोलकाता के फ्लाई ओवर की तस्वीर
यूपी सरकार के विज्ञापन में कोलकाता के फ्लाई ओवर की तस्वीर
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Published : Sep 14, 2021, 10:22 AM IST

Updated : Sep 14, 2021, 10:28 AM IST

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विकास कार्यों को लेकर एक अंग्रेजी अखबार में विज्ञापन छपवाया तो बवाल मच गया. विज्ञापन में जब विकास की झूठी तस्वीर सामने आई और वह तस्वीर दूसरे राज्य की निकली तो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर सरकार विपक्ष के साथ-साथ जनता के निशाने पर ट्रोल होना शुरू हो गई. ट्रोलिंग भी ऐसी की दिनभर टॉप ट्रेंड होती रही. दिनभर सरकार की फजीहत होती रही.

2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक दल सियासी जोर आजमाइश में लगे हुए हैं. ऐसे में सत्तारूढ़ दल भाजपा के साथ-साथ अन्य सभी विपक्षी दल भी कोई मौका छोड़ना नहीं चाहते. एक दिन पहले जब सरकार के कामकाज को लेकर एक अंग्रेजी अखबार के फ्रंट पेज पर विज्ञापन छापा गया तो जनता और विपक्षी दल उसके बहाने सरकार को निशाने पर लेने लगे. तमाम लोग जो मौके की तलाश पर थे. वह सरकार पर अचानक से हमलावर होने लगे और खास बात यह रही इस विज्ञापन में जिस विकास की तस्वीर लगाई गई. वह उत्तर प्रदेश से हजारों किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर की थी.

विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार

कोलकाता में बने फ्लाई ओवर और एक होटल की तस्वीर यूपी के विकास की बताते हुए विज्ञापन छापा गया तो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों के नाम लिखते हुए विदेशों की फोटो पोस्ट करने का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा. इसमें विकास को लेकर व्यंग कसे जाने लगे और कहा जाता रहा यह सीतापुर, गोरखपुर, बहराइच, कानपुर, लखनऊ, इटावा जालौन जैसे शहरों में विकास इतना तेजी से हो रहा है कि इसकी चर्चा अब विदेशों तक हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करने वाले श्याम रंगीला हो या फिर तमाम अन्य सोशल मीडिया के चेहरे, या फिर जन सामान्य सबकी तरफ से तीखे कमेंट्स किए गए.

श्याम रंगीला ने योगी सरकार को किया ट्रोल
श्याम रंगीला ने योगी सरकार को किया ट्रोल

सबने तमाम शहरों की फोटो पर व्यंग करते हुए पोस्ट किया. किसी ने लिखा मुख्यमंत्री के गोरखपुर शहर में हाई स्पीड ट्रेन को हरी झंडी दिखाते मुख्यमंत्री. इसके अलावा तमाम विदेशी शहरों की बड़ी-बड़ी चकाचौंध वाली विकास की फोटो को पोस्ट करके यूपी के जिलों के नाम लिखे गए और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कटाक्ष किया गया. कहा गया कि विकास इतना तेजी से हो रहा है कि विदेश के शहर भी फेल हो गए. विपक्षी नेताओं की तरफ से भी सरकार के झूठ की पोल खोलने पर जबरदस्त हमले किए गए. सपा-कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सरकार के विकास की झूठी पोल खोल कर रख दी.

विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार

सोशल मीडिया में लंदन ब्रिज को गोमतीनगर बताया गया तो एफिल टावर को 6जी का टावर बताया. क्योटो को बनारस तो विदेशी तस्वीरों में कहीं लखनऊ का हुसैनाबाद तो कहीं लालबाग के साथ फ़ोटो नजर आ रही हैं. आसामान चूमती इमारतें सीतापुर की बताई जा रही हैं तो कहीं बलिया की, लखनऊ से गोरखपुर के बीच बुलेट ट्रेन दौड़ाने की तैयारी की तस्वीर भी योगी आदित्यनाथ के साथ है. लखनऊ की कुकरैल नाले की जगह विदेश की शानदार झील बहते हुए तस्वीर भी सरकार की किरकिरी करा रही है. तमाम तस्वीरों में धन्यवाद योगी जी भी लिखा हुआ है. ऐसी तस्वीरें सरकार की फजीहत कराती रहीं.

विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार

इसे भी पढ़ें-योगी सरकार की आबकारी से जबरदस्त कमाई, एक माह में 20 फीसदी उछाल

ऐसा पहला मौका था जब ट्विटर में सरकार के विकास की झूठी तस्वीर सामने आने पर योगी सरकार दिनभर फजीहत का सामना करती रही. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज को लेकर विपक्ष के अलावा जन सामान्य की तरफ से सरकार को ट्रोल करने का काम शुरू हुआ तो सरकारी ही नहीं बीजेपी संगठन के लोग भी चिंतित हो गए. बीजेपी के आईटी सेल की तरफ से भी मोर्चा संभाला गया और उत्तर प्रदेश के जिन शहरों में विकास हुआ और हाईटेक बिल्डिंग बनी उन्हें भी पोस्ट करने का सिलसिला शुरू हुआ, जिससे ट्रोल को रोका जा सके. हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और सरकार की फजीहत भी हो गई. विकास की झूठी तस्वीर सामने आई तो सरकार चौतरफा हमलों से घिरी नजर आई.

विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. दिलीप अग्निहोत्री कहते हैं कि निश्चित ही एक विज्ञापन से सरकार की फजीहत हुई है. कोलकाता के फ्लाई ओवर को यूपी के विज्ञापन में दिखाया गया, लेकिन इसके लिए न तो मुख्यमंत्री जिम्मेदार है न तो यह कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश को किसी अन्य प्रदेश से विकास की फोटो उधार लेने की जरूरत है. यह अक्षम्य गलती सूचना विभाग के किसी अधिकारी कर्मचारी की हो सकती है. इसकी जबाबदेही तय होनी चाहिए. जहां तक फ्लाई ओवर निर्माण की बात है, विगत चार वर्षों में उल्लेखनीय कार्य हुए है. आश्चर्य है कि राजधानी लखनऊ में ही विगत दिनों जिन फ्लाईओवर का लोकार्पण हुआ, उनको विज्ञापन में दिखाने की जगह जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी कोलकोता क्यों पहुंच गए. इसे समझने की जरूरत है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विकास कार्यों को लेकर एक अंग्रेजी अखबार में विज्ञापन छपवाया तो बवाल मच गया. विज्ञापन में जब विकास की झूठी तस्वीर सामने आई और वह तस्वीर दूसरे राज्य की निकली तो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर सरकार विपक्ष के साथ-साथ जनता के निशाने पर ट्रोल होना शुरू हो गई. ट्रोलिंग भी ऐसी की दिनभर टॉप ट्रेंड होती रही. दिनभर सरकार की फजीहत होती रही.

2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक दल सियासी जोर आजमाइश में लगे हुए हैं. ऐसे में सत्तारूढ़ दल भाजपा के साथ-साथ अन्य सभी विपक्षी दल भी कोई मौका छोड़ना नहीं चाहते. एक दिन पहले जब सरकार के कामकाज को लेकर एक अंग्रेजी अखबार के फ्रंट पेज पर विज्ञापन छापा गया तो जनता और विपक्षी दल उसके बहाने सरकार को निशाने पर लेने लगे. तमाम लोग जो मौके की तलाश पर थे. वह सरकार पर अचानक से हमलावर होने लगे और खास बात यह रही इस विज्ञापन में जिस विकास की तस्वीर लगाई गई. वह उत्तर प्रदेश से हजारों किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर की थी.

विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार

कोलकाता में बने फ्लाई ओवर और एक होटल की तस्वीर यूपी के विकास की बताते हुए विज्ञापन छापा गया तो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म पर उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों के नाम लिखते हुए विदेशों की फोटो पोस्ट करने का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा. इसमें विकास को लेकर व्यंग कसे जाने लगे और कहा जाता रहा यह सीतापुर, गोरखपुर, बहराइच, कानपुर, लखनऊ, इटावा जालौन जैसे शहरों में विकास इतना तेजी से हो रहा है कि इसकी चर्चा अब विदेशों तक हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करने वाले श्याम रंगीला हो या फिर तमाम अन्य सोशल मीडिया के चेहरे, या फिर जन सामान्य सबकी तरफ से तीखे कमेंट्स किए गए.

श्याम रंगीला ने योगी सरकार को किया ट्रोल
श्याम रंगीला ने योगी सरकार को किया ट्रोल

सबने तमाम शहरों की फोटो पर व्यंग करते हुए पोस्ट किया. किसी ने लिखा मुख्यमंत्री के गोरखपुर शहर में हाई स्पीड ट्रेन को हरी झंडी दिखाते मुख्यमंत्री. इसके अलावा तमाम विदेशी शहरों की बड़ी-बड़ी चकाचौंध वाली विकास की फोटो को पोस्ट करके यूपी के जिलों के नाम लिखे गए और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कटाक्ष किया गया. कहा गया कि विकास इतना तेजी से हो रहा है कि विदेश के शहर भी फेल हो गए. विपक्षी नेताओं की तरफ से भी सरकार के झूठ की पोल खोलने पर जबरदस्त हमले किए गए. सपा-कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सरकार के विकास की झूठी पोल खोल कर रख दी.

विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार

सोशल मीडिया में लंदन ब्रिज को गोमतीनगर बताया गया तो एफिल टावर को 6जी का टावर बताया. क्योटो को बनारस तो विदेशी तस्वीरों में कहीं लखनऊ का हुसैनाबाद तो कहीं लालबाग के साथ फ़ोटो नजर आ रही हैं. आसामान चूमती इमारतें सीतापुर की बताई जा रही हैं तो कहीं बलिया की, लखनऊ से गोरखपुर के बीच बुलेट ट्रेन दौड़ाने की तैयारी की तस्वीर भी योगी आदित्यनाथ के साथ है. लखनऊ की कुकरैल नाले की जगह विदेश की शानदार झील बहते हुए तस्वीर भी सरकार की किरकिरी करा रही है. तमाम तस्वीरों में धन्यवाद योगी जी भी लिखा हुआ है. ऐसी तस्वीरें सरकार की फजीहत कराती रहीं.

विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार

इसे भी पढ़ें-योगी सरकार की आबकारी से जबरदस्त कमाई, एक माह में 20 फीसदी उछाल

ऐसा पहला मौका था जब ट्विटर में सरकार के विकास की झूठी तस्वीर सामने आने पर योगी सरकार दिनभर फजीहत का सामना करती रही. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज को लेकर विपक्ष के अलावा जन सामान्य की तरफ से सरकार को ट्रोल करने का काम शुरू हुआ तो सरकारी ही नहीं बीजेपी संगठन के लोग भी चिंतित हो गए. बीजेपी के आईटी सेल की तरफ से भी मोर्चा संभाला गया और उत्तर प्रदेश के जिन शहरों में विकास हुआ और हाईटेक बिल्डिंग बनी उन्हें भी पोस्ट करने का सिलसिला शुरू हुआ, जिससे ट्रोल को रोका जा सके. हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और सरकार की फजीहत भी हो गई. विकास की झूठी तस्वीर सामने आई तो सरकार चौतरफा हमलों से घिरी नजर आई.

विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार
विकास की झूठी तस्वीर पर ट्रोलर्स के निशाने पर आई सरकार

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. दिलीप अग्निहोत्री कहते हैं कि निश्चित ही एक विज्ञापन से सरकार की फजीहत हुई है. कोलकाता के फ्लाई ओवर को यूपी के विज्ञापन में दिखाया गया, लेकिन इसके लिए न तो मुख्यमंत्री जिम्मेदार है न तो यह कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश को किसी अन्य प्रदेश से विकास की फोटो उधार लेने की जरूरत है. यह अक्षम्य गलती सूचना विभाग के किसी अधिकारी कर्मचारी की हो सकती है. इसकी जबाबदेही तय होनी चाहिए. जहां तक फ्लाई ओवर निर्माण की बात है, विगत चार वर्षों में उल्लेखनीय कार्य हुए है. आश्चर्य है कि राजधानी लखनऊ में ही विगत दिनों जिन फ्लाईओवर का लोकार्पण हुआ, उनको विज्ञापन में दिखाने की जगह जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी कोलकोता क्यों पहुंच गए. इसे समझने की जरूरत है.

Last Updated : Sep 14, 2021, 10:28 AM IST
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