कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के सदस्य कृष्ण कुमार सिंह शनिवार को कौशांबी दौरे पर पहुंचे. दौरे पर पहुंचने की जानकारी जैसे ही डीजे संचालकों को हुई तो डीजे संचालकों ने उनका घेराव किया. डीजे संचालकों का कहना है कि कोर्ट ने डीजे बजाने में प्रतिबंध लगा दिया है. ऐसे में डीजे संचालकों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ेगा. उनके पास मौजूद करोड़ों के उपकरण डिब्बा बन जाएंगे. डीजे संचालकों ने गो सेवा आयोग के सदस्यों से सरकार के द्वारा इस मामले में कोई भी बीच का रास्ता निकाले जाने के लिए एक ज्ञापन दिया. कृष्ण कुमार सिंह ने उन्हें सरकार की तरफ से मदद करने का भरोसा दिया.
क्या है पूरा मामला -
- जनपद कौशांबी में लगभग 500 से ज्यादा डीजे हैं.
- एक डीजे का उपकरण कम से कम दस लाख का होता है.
- कई ऐसे डीजे संचालक हैं, जिनके एक डीजे बैंड का उपकरण लगभग 15 से 2 लाख रुपये का है.
- करोड़ों के डीजे का उपकरण संचालकों के यहां पड़ा हुआ है.
- डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगने की खबर मिलते ही संचालकों की नींद उड़ी हुई है.
- एक ओर जहां उनका रोजगार गया, वहीं उपकरण में जो रकम फंसी हुई है वह कैसे निकले इसको लेकर वह चिंतित हैं.
- कई ऐसे लोग हैं, जिनके पास डीजे के अलावा रोजगार नहीं है.
- ऐसे में उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की समस्या खड़ी है.
डीजे संचालकों ने उनसे मिलकर समस्या रखी है, क्योंकि यह विषय इलाहाबाद हाईकोर्ट का है. तो मैंने उनसे इतना ही आग्रह किया है कि शहर और गांव की शादियों में अंतर होता है. आप लोग पुनः पीठ के समक्ष अपनी समस्या रखिए न्यायपालिका कोई न कोई समाधान सुनिश्चित करेगी. हर एक चीज का विधान होता है. अगर अभी रास्ता सुलभ है तो हम ऊपर क्यों जाएं. मैं सरकार की तरफ से इतना ही कहना चाहता हूं कि योगी सरकार पूर्ण रूप से डीजे संचालकों के साथ है और कोर्ट में हर संभव मदद करेगी.
- कृष्ण कुमार सिंह, सदस्य उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग