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मुरादनगर श्मशान हादसा: मलबे में दबा था अंश, फोन पर बताया- 'भाई मैं जिंदा हूं' - गाजियाबाद मुरादनगर

9वीं क्लास में पढ़ने वाला अंश भी मुरादनगर के श्मशान घाट हादसे का शिकार हुआ था. इसमें 25 लोगों की मौत हो गई. बावजूद इसके अंश ने हार नहीं मानी और मलबे से बाहर निकला.

अंश से खास बातचीत.
अंश से खास बातचीत.
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Published : Jan 6, 2021, 10:51 PM IST

गाजियाबाद: मुरादनगर के श्मशान घाट हादसे मामले में 14 साल के बच्चे की बहादुरी के चर्चे सभी जगह हो रहे हैं. नौवीं क्लास में पढ़ने वाला अंश भी इस हादसे का शिकार हुआ था. इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो चुकी है. घटना के दिन मासूम अंश मलबे के नीचे दब गया था.

अंश से खास बातचीत.

जब होश आया तो खुद के ऊपर मलबा और आसपास कई दिखाई दिए. इसके बाद भी अंश ने हिम्मत दिखाई. किसी तरह से उसने अपने भाई को फोन किया और बताया कि भाई 'मैं मलबे के नीचे फंसा हूं, मुझे बचा लो'. ईटीवी भारत ने अंश से एक्सक्लूसिव बातचीत की. देखिये ये रिपोर्ट-

आर्मी में जाना चाहते हैं अंश
अंश ने बताया कि जब काफी देर हो गई तो उन्होंने भी खुद को बचाने की कोशिश शुरू कर दी. अंश के पास में एक अंकल का शव पड़ा था. अंकल को उठाने की कोशिश की, लेकिन उनके मुंह से बहता हुआ खून देखकर अंश समझ गए कि अंकल अब इस दुनिया में नहीं हैं. इसके बाद अंश मलबे के नीचे से ही किनारे तक पहुंचे और मदद मांगी. अंश के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं. अंश बताते हैं कि वो आर्मी में जाना चाहते हैं. अंश के पिता यशपाल और मां वीना कहती हैं कि बेटा जो बनना चाहे, वो बन सकता है. उन्हें अपने बेटे पर गर्व है.

फोन कॉल की रिकॉर्डिंग वायरल
जिस समय अंश ने अपने भाई को फोन किया, वह मलबे के नीचे दबे हुए थे. उस समय की फोन कॉल रिकॉर्डिंग भी वायरल हो गई है. हर कोई उस रिकॉर्डिंग को सुन रहा है और अंश के जज्बे को सलाम कर रहा है.

गाजियाबाद: मुरादनगर के श्मशान घाट हादसे मामले में 14 साल के बच्चे की बहादुरी के चर्चे सभी जगह हो रहे हैं. नौवीं क्लास में पढ़ने वाला अंश भी इस हादसे का शिकार हुआ था. इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो चुकी है. घटना के दिन मासूम अंश मलबे के नीचे दब गया था.

अंश से खास बातचीत.

जब होश आया तो खुद के ऊपर मलबा और आसपास कई दिखाई दिए. इसके बाद भी अंश ने हिम्मत दिखाई. किसी तरह से उसने अपने भाई को फोन किया और बताया कि भाई 'मैं मलबे के नीचे फंसा हूं, मुझे बचा लो'. ईटीवी भारत ने अंश से एक्सक्लूसिव बातचीत की. देखिये ये रिपोर्ट-

आर्मी में जाना चाहते हैं अंश
अंश ने बताया कि जब काफी देर हो गई तो उन्होंने भी खुद को बचाने की कोशिश शुरू कर दी. अंश के पास में एक अंकल का शव पड़ा था. अंकल को उठाने की कोशिश की, लेकिन उनके मुंह से बहता हुआ खून देखकर अंश समझ गए कि अंकल अब इस दुनिया में नहीं हैं. इसके बाद अंश मलबे के नीचे से ही किनारे तक पहुंचे और मदद मांगी. अंश के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं. अंश बताते हैं कि वो आर्मी में जाना चाहते हैं. अंश के पिता यशपाल और मां वीना कहती हैं कि बेटा जो बनना चाहे, वो बन सकता है. उन्हें अपने बेटे पर गर्व है.

फोन कॉल की रिकॉर्डिंग वायरल
जिस समय अंश ने अपने भाई को फोन किया, वह मलबे के नीचे दबे हुए थे. उस समय की फोन कॉल रिकॉर्डिंग भी वायरल हो गई है. हर कोई उस रिकॉर्डिंग को सुन रहा है और अंश के जज्बे को सलाम कर रहा है.

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