उन्नाव: आवारा जानवरों से किसानों की फसल को बचाने और गौ रक्षा के लिए जिलों में गौशाला बनाकर गायों को संरक्षित करने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फरमान फिलहाल जिले में बेअसर साबित हो रहा है क्योंकि यहां की गौशाला में पिछले तीन महीनों में 30 गोवंशों की मौत हो चुकी है. गौशाला में धूप से बचने के लिए ना तो टीन शेड है और नहीं जानवरों के हिसाब से खाने के लिए पर्याप्त संख्या में नादें बनाई गई हैं.
जानिए क्या है पूरा मामला
- उन्नाव-लखनऊ बाईपास के पास गदन खेड़ा चौराहे पर बनी गौशाला इस समय गायों के लिए किसी वधशाला से कम नहीं है.
- पिछले तीन महीने में यहां 30 गोवंशों की मौत हो गई है.
- पहले इस गौशाला में जहां 130 गोवंश पशुओं की संख्या थी वहीं इसकी संख्या अब घटकर महज 100 रह गई है.
- वहीं जब गौशाला में जानवरों की देखभाल करने वाले नगर पालिका के कर्मचारी सतीश से मीडिया ने बात की तो उन्होंने बताया भीषण गर्मी की वजह से टीन शेड ना होने से गर्मी से गाय बीमार पड़ गई थी.
- जिन्हें समय पर इलाज नहीं मिला और वहीं गौशाला में 100 जानवरों की संख्या के लिए सिर्फ सात नाद हैं. जिससे चारा खाने में कभी कभार जानवर एक दूसरे को चुटहिल भी कर देते हैं.
- जिससे घायल जानवरों को समय पर इलाज ना मिल पाने से उनकी मौत हो गई.