कोटा. आम आदमी पार्टी दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत कर आई है. इसके बाद अब कोटा में भी आम आदमी पार्टी के लोगों ने आज अन्य दलों के लोगों के साथ मिलकर CAA और NRC के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा कर दी है. यह एक लंबा अभियान पूरे कोटा जिले और संभाग में चलाएंगे. जिसके तहत नुक्कड़ सभा से लेकर सद्भाव कार्यक्रम और कई शांति मार्च भी निकाले जाएंगे.
इसके लिए शुक्रवार को आम आदमी पार्टी ने कोटा की अन्य नेताओं जो लेफ्ट दलित संगठनों से जुड़े हैं उनके साथ "संविधान बचाओ देश बचाओ मोर्चा" की घोषणा कर दी है. जिसके तहत यह सभी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसमें आम आदमी पार्टी के साथ, कोटा के राजनीतिक दल, लेफ्ट पार्टी, जनवादी, दलितों के संगठन, भीम आर्मी, बहुजन समाजवादी पार्टी और तमाम वामपंथी संगठन शामिल होंगे. इस मोर्चे की घोषणा शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के कार्यालय में की गई.
इस दौरान मोर्चे के दुलीचंद बोरदा ने बताया कि संविधान बचाओ देश बचाओ मोर्चा आज की जरूरत है. जब मोदी की सरकार देश की जनता के साथ किए हुए जनता से बाद में विफल हुई है. देश का नौजवान सड़कों पर है. देश का छात्र सड़कों पर है, भयंकर बेरोजगारी और अन्य समस्याओं का निदान करने के बजाय मोदी जी के सरकार देश की जनता को बांटना चाहती है. वो भी धर्म के नाम पर और उसी पैकेज और उसी एजेंडे के तहत मोदी सरकार CAA लेकर आए हैं.
धर्म आधारित लोगों को टारगेट करके भारत के अंदर सब को नागरिकता साबित करने की बात कर रहे हैं. उसके लिए NRC लागू करें इसलिए हमारे देश की सद्भावना बिगड़ रही है. नफरत फैलाई जा रही है, संविधान के आधार पर देश की व्यवस्था लागू हो और देश के आम आदमी, बेरोजगार और किसान के सवालों के समाधान किया जाए.
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इसी के उन्होंने बताया की इस मसले के लिए हम कोटा में भी इस मोर्चे के माध्यम से सद्भाव सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं. जिसमें हम लोग मिलकर के अमन-चैन को कायम रखने के लिए एक कार्यक्रम करना चाहते हैं. नुक्कड़ सभाएं आयोजित करेंगे और देहात के अंदर कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में शांति और सद्भाव यात्रा का आयोजन करेंगे. जिसमें हम विभाजनकारी नीतियों का विरोध करेंगे.