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UPSC 2022 Exam Results : अलवर के इन 'योद्धाओं' ने लहराया परचम, दिलचस्प है संघर्ष की कहानी - ETV Bharat Rajasthan News

संघ लोक सेवा आयोग ने 2022 परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं. इस बार राजस्थान के अलवर के कुछ युवाओं ने जिले और राज्य का नाम रोशन किया है. इन्होंने दिखाया है कि हौसले बुलंद हों तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है. यहां जानिए इनके संघर्ष की कहानी.

UPSC 2022 Exam Results
अलवर के इन 'योद्धाओं' ने लहराया परचम
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Published : May 23, 2023, 10:33 PM IST

यश और उनके पिता ने क्या कहा, सुनिए...

अलवर. यूपीएससी का परिणाम जारी हो चुका है. इस बार यूपीएससी की परीक्षा में अलवर के यश कुमार शर्मा ने आल इंडिया में 196वीं रैंक हासिल की है. 4 साल की मेहनत के बाद यश ने यह मुकाम हासिल किया. बीच में कई सरकारी नौकरियों के ऑफर मिले, लेकिन यश ने किसी को नहीं चुना और दृढ़ निश्चय करके मेहनत करते रहे. वहीं, मेव समाज के आकिप खान भी यूपीएससी में पास हुए हैं. गोविंदगढ़ के रहने वाले आकिप की ऑल इंडिया 268वीं रैंक आई है.

इस बार राजस्थान के लिए यूपीएससी का परिणाम बीते सालों की तुलना में कुछ खास रहा. मेव समाज का पहला आईएएस गोविंदगढ़ के खेड़ली बहादरु गांव से आकिप की ऑल इंडिया 268वीं रैंक आई. यह उनका तीसरा प्रयास था. आकिप ने दिल्ली के जामिया मिलिया यूनविर्सटी से पढ़ाई कर यूपीएससी की तैयारी की है. परिणाम आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है. भाई बिजनेस करता है. अलवर शहर के अम्बेडकर नगर निवासी यश कुमार शर्मा की ऑल इंडिया 196वीं रैंक है. यश शर्मा ने 4 साल कड़ी मेहनत की.

पढ़ें : UPSC CSE Result 2022 : सिविल सेवा परीक्षा 2022 का रिजल्ट जारी, राजस्थान के कई होनहारों ने मारी बाजी

बीटेक करने के बाद नौकरी का ऑफर ठुकराया तो आईबी सहित कई सरकारी विभागों में नौकरी लगी. लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया. पिता अलवर न्यायालय में बाबू के पद पर कार्यरत हैं. जैसे ही परिवार को परिणाम की जानकारी मिली तो मानो खुशी की लहर चल पड़ी. चारों तरफ से फोन आने लगे. घर पर रिश्तेदारों का जमावड़ा लगने लगा. लोगों ने मिठाई खिलाई और माला पहनाकर बधाई दी. इसके अलावा खेड़ली के बंगन का नगला निवासी प्रद्युम्न यादव की 318वीं रैंक आई है.

यश ने बताया कि युवाओं को टारगेट रखना चाहिए, उसी के बाद सफलता मिलती है. यश के पिता लोकेश कुमार शर्मा रीडर ग्रेड प्रथम एडीजे नंबर टू अलवर में कार्यरत हैं. यश का यह तीसरा प्रयास था. पहले प्रयास में प्री भी क्लियर नहीं हुआ था. दूसरे प्रयास में मेन के बाद इंटरव्यू तक पहुंचे. अब तीसरे प्रयास में सफल हे गए. यश की मां दीपा शर्मा सरकारी टीचर कैरवाजाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हैं. अलवर के खेड़ली के बंगन का नगला गांव निवासी प्रद्युम्न सिंह यादव ने तीसरे प्रयास में 318वीं रैंक हासिल की है.

उनके पिता मान सिंह यादव स्कूल में वाइस प्रिंसिपल हैं. 2018 में भाई लखन आईपीएस बने, तो भाभी लक्ष्मी यूपी में आईएएस हैं. प्रद्युम्न को 3 साल पहले 1 करोड़ रुपए से अधिक का पैकेज मिला, लेकिन उन्होंने नौकरी ज्वाइन नहीं की और लगातार मेहनत करते रहे. सफलता मिली है तो परिवार में खुशी का माहौल है.

यश और उनके पिता ने क्या कहा, सुनिए...

अलवर. यूपीएससी का परिणाम जारी हो चुका है. इस बार यूपीएससी की परीक्षा में अलवर के यश कुमार शर्मा ने आल इंडिया में 196वीं रैंक हासिल की है. 4 साल की मेहनत के बाद यश ने यह मुकाम हासिल किया. बीच में कई सरकारी नौकरियों के ऑफर मिले, लेकिन यश ने किसी को नहीं चुना और दृढ़ निश्चय करके मेहनत करते रहे. वहीं, मेव समाज के आकिप खान भी यूपीएससी में पास हुए हैं. गोविंदगढ़ के रहने वाले आकिप की ऑल इंडिया 268वीं रैंक आई है.

इस बार राजस्थान के लिए यूपीएससी का परिणाम बीते सालों की तुलना में कुछ खास रहा. मेव समाज का पहला आईएएस गोविंदगढ़ के खेड़ली बहादरु गांव से आकिप की ऑल इंडिया 268वीं रैंक आई. यह उनका तीसरा प्रयास था. आकिप ने दिल्ली के जामिया मिलिया यूनविर्सटी से पढ़ाई कर यूपीएससी की तैयारी की है. परिणाम आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है. भाई बिजनेस करता है. अलवर शहर के अम्बेडकर नगर निवासी यश कुमार शर्मा की ऑल इंडिया 196वीं रैंक है. यश शर्मा ने 4 साल कड़ी मेहनत की.

पढ़ें : UPSC CSE Result 2022 : सिविल सेवा परीक्षा 2022 का रिजल्ट जारी, राजस्थान के कई होनहारों ने मारी बाजी

बीटेक करने के बाद नौकरी का ऑफर ठुकराया तो आईबी सहित कई सरकारी विभागों में नौकरी लगी. लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया. पिता अलवर न्यायालय में बाबू के पद पर कार्यरत हैं. जैसे ही परिवार को परिणाम की जानकारी मिली तो मानो खुशी की लहर चल पड़ी. चारों तरफ से फोन आने लगे. घर पर रिश्तेदारों का जमावड़ा लगने लगा. लोगों ने मिठाई खिलाई और माला पहनाकर बधाई दी. इसके अलावा खेड़ली के बंगन का नगला निवासी प्रद्युम्न यादव की 318वीं रैंक आई है.

यश ने बताया कि युवाओं को टारगेट रखना चाहिए, उसी के बाद सफलता मिलती है. यश के पिता लोकेश कुमार शर्मा रीडर ग्रेड प्रथम एडीजे नंबर टू अलवर में कार्यरत हैं. यश का यह तीसरा प्रयास था. पहले प्रयास में प्री भी क्लियर नहीं हुआ था. दूसरे प्रयास में मेन के बाद इंटरव्यू तक पहुंचे. अब तीसरे प्रयास में सफल हे गए. यश की मां दीपा शर्मा सरकारी टीचर कैरवाजाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हैं. अलवर के खेड़ली के बंगन का नगला गांव निवासी प्रद्युम्न सिंह यादव ने तीसरे प्रयास में 318वीं रैंक हासिल की है.

उनके पिता मान सिंह यादव स्कूल में वाइस प्रिंसिपल हैं. 2018 में भाई लखन आईपीएस बने, तो भाभी लक्ष्मी यूपी में आईएएस हैं. प्रद्युम्न को 3 साल पहले 1 करोड़ रुपए से अधिक का पैकेज मिला, लेकिन उन्होंने नौकरी ज्वाइन नहीं की और लगातार मेहनत करते रहे. सफलता मिली है तो परिवार में खुशी का माहौल है.

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