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अजमेरः नौसेना अध्यक्ष सुनील लांबा ने सी हैरियर 623 फाइटर एयरक्राफ्ट का किया अनावरण - 623 फाइटर एयरक्राफ्ट

अजमेर में नौसेना अध्यक्ष सुनील लांबा ने सी हैरियर 623 फाइटर एयरक्राफ्ट का अनावरण किया. इस लड़ाकू विमान का सेना के ऑपरेशन विजय, पराक्रम और ऑपरेशन जूपिटर में भी इस्तेमाल हो चुका है.

अजमेर में सी हैरियर 623 फाइटर एयरक्राफ्ट
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Published : May 1, 2019, 4:47 PM IST

Updated : May 1, 2019, 11:31 PM IST

अजमेर. नौसेना अध्यक्ष सुनील लांबा ने मेयो कॉलेज में सी हैरियर 623 फाइटर एयरक्राफ्ट का अनावरण किया. ये एयरक्राफ्ट भारतीय नौसेना ने मेयो कॉलेज को उपहार स्वरुप भेंट किया है, जिसको देख युवा सेना में भर्ती के लिए प्रेरित हो सकें.

नौसेना अध्यक्ष सुनील लांबा मेयो बॉयज कॉलेज के विद्यार्थी रहे हैं इसलिए उनका लगाव मेयो कॉलेज से है. लांबा मेयो कॉलेज कई बार आ चुके हैं. बुधवार को मेयो कॉलेज के बीकानेर पवेलियन के सेंट्रल पार्क में सी हैरियर लड़ाकू विमान 623 का उन्होंने अनावरण किया. ये लड़ाकू विमान 1983 में नौसेना में शामिल हुआ था. वहीं 2016 में इस लड़ाकू विमान को नौसेना ने विदाई दी थी.

अजमेर में सी हैरियर 623 फाइटर एयरक्राफ्ट

लांबा ने बताया कि मेयो कॉलेज से उनका नाता विद्यार्थी जीवन से रहा है. लांबा मई में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. अपने कार्यकाल को सफल बताते हुए कहा कि नेवी हर परिस्थितियों के लिए तैयार खड़ी है.

सी हैरियर 623 लड़ाकू विमान की खासियत
इस लड़ाकू विमान की रफ्तार 1100 किलोमीटर प्रति घंटे की है. भारतीय नौसेना द्वारा भेंट किए गए इस लड़ाकू विमान का इंजन रॉल्स रॉयस पेगासूस का है. ये विमान बहुत छोटे रनवे से उड़ान भरने में सक्षम है. विमान में एंटी शिप सी ईगल मिसाइल, डबीज एयर टू एयर और माट्रा मैजिक मिसाइल लगी है. विमान रॉकेट लॉन्च करने और बम गिराने में भी समर्थ रहा है.

नौसेना के 3 ऑपरेशन में इस्तेमाल हुआ है सी हैरियर 623 लड़ाकू विमान
इस लड़ाकू विमान का सेना के ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन पराक्रम और ऑपरेशन जूपिटर में भी इस्तेमाल हो चुका है. 2 फरवरी 1990 को सी हैरियर युद्ध बम वर्षक विमान नौसेना के आईएनएस विराट से जुड़ा था. तब इसका संचालन विराट के साथ किया जा रहा था.

इस विमान की खासियत है कि जल, थल और आकाश तीनों जगहों पर दुश्मनों के लड़ाकू विमान को मार गिराने में ये इस्तेमाल किया जाता रहा है. 16 दिसंबर 1983 को भारतीय सेना की हवाई विंग हंसा आईएनएस में सी हैरियर 623 शामिल किया गया था. साल 2016 में नौसेना के लड़ाकू विमान सी हैरियर ने गोवा के आईएनएस हंसा बेस में हुए कार्यक्रम में इसने अंतिम उड़ान भरी थी.

अजमेर. नौसेना अध्यक्ष सुनील लांबा ने मेयो कॉलेज में सी हैरियर 623 फाइटर एयरक्राफ्ट का अनावरण किया. ये एयरक्राफ्ट भारतीय नौसेना ने मेयो कॉलेज को उपहार स्वरुप भेंट किया है, जिसको देख युवा सेना में भर्ती के लिए प्रेरित हो सकें.

नौसेना अध्यक्ष सुनील लांबा मेयो बॉयज कॉलेज के विद्यार्थी रहे हैं इसलिए उनका लगाव मेयो कॉलेज से है. लांबा मेयो कॉलेज कई बार आ चुके हैं. बुधवार को मेयो कॉलेज के बीकानेर पवेलियन के सेंट्रल पार्क में सी हैरियर लड़ाकू विमान 623 का उन्होंने अनावरण किया. ये लड़ाकू विमान 1983 में नौसेना में शामिल हुआ था. वहीं 2016 में इस लड़ाकू विमान को नौसेना ने विदाई दी थी.

अजमेर में सी हैरियर 623 फाइटर एयरक्राफ्ट

लांबा ने बताया कि मेयो कॉलेज से उनका नाता विद्यार्थी जीवन से रहा है. लांबा मई में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. अपने कार्यकाल को सफल बताते हुए कहा कि नेवी हर परिस्थितियों के लिए तैयार खड़ी है.

सी हैरियर 623 लड़ाकू विमान की खासियत
इस लड़ाकू विमान की रफ्तार 1100 किलोमीटर प्रति घंटे की है. भारतीय नौसेना द्वारा भेंट किए गए इस लड़ाकू विमान का इंजन रॉल्स रॉयस पेगासूस का है. ये विमान बहुत छोटे रनवे से उड़ान भरने में सक्षम है. विमान में एंटी शिप सी ईगल मिसाइल, डबीज एयर टू एयर और माट्रा मैजिक मिसाइल लगी है. विमान रॉकेट लॉन्च करने और बम गिराने में भी समर्थ रहा है.

नौसेना के 3 ऑपरेशन में इस्तेमाल हुआ है सी हैरियर 623 लड़ाकू विमान
इस लड़ाकू विमान का सेना के ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन पराक्रम और ऑपरेशन जूपिटर में भी इस्तेमाल हो चुका है. 2 फरवरी 1990 को सी हैरियर युद्ध बम वर्षक विमान नौसेना के आईएनएस विराट से जुड़ा था. तब इसका संचालन विराट के साथ किया जा रहा था.

इस विमान की खासियत है कि जल, थल और आकाश तीनों जगहों पर दुश्मनों के लड़ाकू विमान को मार गिराने में ये इस्तेमाल किया जाता रहा है. 16 दिसंबर 1983 को भारतीय सेना की हवाई विंग हंसा आईएनएस में सी हैरियर 623 शामिल किया गया था. साल 2016 में नौसेना के लड़ाकू विमान सी हैरियर ने गोवा के आईएनएस हंसा बेस में हुए कार्यक्रम में इसने अंतिम उड़ान भरी थी.

Intro:अजमेर। नौसेना अध्यक्ष सुनील लांबा ने मेयो कॉलेज में सी हैरियर 623 फाइटर एयरक्राफ्ट का अनावरण किया। यह एयरक्राफ्ट भारतीय नौसेना ने मेयो कॉलेज को उपहार स्वरुप भेंट किया है। ताकि इसको देख युवा सेना में भर्ती के लिए प्रेरित हो सके।




Body:नौसेना अध्यक्ष सुनील लांबा मेयो बॉयज कॉलेज के विद्यार्थी रहे हैं इसलिए उनका लगाव मेयो कॉलेज से है। लांबा और मेयो कॉलेज कई बार आ चुके हैं। बुधवार को मेयो कॉलेज के बीकानेर पवेलियन के सेंट्रल पार्क में सी हैरियर लड़ाकू विमान 623 का उन्होंने अनावरण किया। यह लड़ाकू विमान 1983 में नौसेना में शामिल हुआ था। वही 2016 में इस लड़ाकू विमान को नौसेना ने विदाई दी थी। लांबा ने बताया कि मेयो कॉलेज से उनका नाता विद्यार्थी जीवन से रहा है। लांबा मई में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं अपने कार्यकाल को सफल बताते हुए कहा कि नेवी हर परिस्थितियों के लिए तैयार खड़ी है...
बाइट- सुनील लांबा- नौसेना प्रमुख

सी हैरियर 623 लड़ाकू विमान:-

इस लड़ाकू विमान की रफ्तार 1100 किलोमीटर प्रति घंटे की है। भारतीय नौसेना द्वारा भेंट किए गए इस लड़ाकू विमान का इंजन रॉल्स रॉयस पेगासूस का है। यह विमान बहुत छोटे रनवे से उड़ान भरने में सक्षम है। विमान में एंटी शिप सी ईगल मिसाइल, डबीज एयर टू एयर और माट्रा मैजिक मिसाइल लगी है। विमान रॉकेट लॉन्च करने और बम गिराने में भी समर्थ रहा है।

नौसेना के तीन ऑपरेशन में इस्तेमाल हुआ है सी हैरियर 623 लड़ाकू विमान का-:

इस लड़ाकू विमान का सेना के ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन पराक्रम और ऑपरेशन जूपिटर में भी इस्तेमाल हो चुका है। 2 फरवरी 1990 को सी हैरियर युद्ध बम वर्षक विमान नौसेना के आई एन एस विराट से जुड़ा था। तब इसका संचालन विराट के साथ किया जा रहा था। इस विमान की खासियत है कि जल, थल और आकाश तीनों जगहों पर दुश्मनों के लड़ाकू विमान को मार गिराने में यह इस्तेमाल किया जाता रहा है। 16 दिसंबर 1983 को भारतीय सेना की हवाई विंग हंसा आईएनएस में सी हैरियर 623 शामिल किया गया था। वर्ष 2016 में नौसेना के लड़ाकू विमान सी हैरियर ने गोवा के आई एन एस हंसा बेस में हुए कार्यक्रम में इसने अंतिम उड़ान भरी थी।


Conclusion:
Last Updated : May 1, 2019, 11:31 PM IST
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