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जयपुर : एटीएम मशीनों से छेड़छाड़ कर रुपए निकालने वाले गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार - Tampering with ATM machines

जयपुर की विधायक पुरी थाना पुलिस ने ATM मशीनों से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. आरोपी एटीएम से छेड़छाड़ कर अब तक 01 करोड़ 63 लाख 91 हजार रुपये की ठगी कर चुके हैं. करीब 220 से ज्यादा एटीएम से रुपए निकाल चुके हैं. आरोपियों के खिलाफ करीब तीन दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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एटीएम मशीन से छेड़छाड़ कर रुपए निकालने वाले गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार
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Published : May 31, 2021, 7:09 PM IST

जयपुर. राजधानी की विधायक पुरी थाना पुलिस ने एटीएम मशीनों से छेड़छाड़ कर रुपए निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने राजस्थान के अलग-अलग शहरों में अलग-अलग एटीएम मशीनों से छेड़छाड़ करके रुपए निकालने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के करीब 10 बैंकों में बैंक खाते बताए जा रहे हैं. पुलिस ने आरोपी अजहर खान, शौकीन, रोबन और तामिल को गिरफ्तार किया है.

डीसीपी साउथ हरेंद्र महावर के मुताबिक विधायकपुरी थाने पर पीएसएल राजस्थान लिमिटेड के बिजनेस हेड मयंक शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि कंपनी राजस्थान और अन्य राज्यों में बैंक एटीएम स्थापित और संचालन का कार्य करती है. जयपुर में काफी समय अज्ञात व्यक्तियों ने विभिन्न एटीएम कार्डो का इस्तेमाल कर 220 एटीएम मशीन से छेड़छाड़ करके 1623 ट्रांजैक्शन के माध्यम से एक करोड़ 63 लाख 91 हजार रुपए की ठगी की है. पुलिस ने मामला दर्ज कर स्पेशल टीम का गठन किया. डीसीपी क्राइम दिगंत आनंद और एडिशनल डीसीपी साउथ अवनीश कुमार के निर्देशन में एसीपी अशोकनगर सोहेल राजा के नेतृत्व में स्पेशल टीम का गठन किया गया.

वारदात का तरीका

आरोपी पहले तो अलग-अलग बैंकों में ऑनलाइन अपना बैंक खाता खुलवा ते हैं और एटीएम कार्ड प्राप्त कर लेते हैं. बैंक खाते में ऑनलाइन ही रुपया ट्रांसफर करते हैं. करीब 1 महीने के बाद केवाईसी की तस्दीक होने से पहले ही कार्ड से कई एटीएम से 10-10 हजार रुपए की रकम 5 से 10 बार निकाल लेते हैं. उसके बाद एटीएम कार्ड को तोड़ कर फेंक देते हैं.

एटीएम मशीन से एटीएम कार्ड लगाकर पिन नंबर डालकर रुपए निकालने के लिए प्रोसेस करते हैं. मशीन से रुपए जैसे ही बाहर की तरफ आते हैं, तो मशीन की बिजली या पावर वायर को खींच लेते हैं. जिससे एटीएम मशीन की प्रोसेसिंग कुछ समय के लिए बंद हो जाती है. तभी रुपए ले लेते हैं, लेकिन एटीएम मशीन के रुपयों की निकालने की एंट्री नहीं होती है. एटीएम मशीन के रुपयों की निकलने की एंट्री नहीं होने से आरोपी 24 घंटे में ही कस्टमर केयर पर फोन कर शिकायत दर्ज करा देते हैं कि हमारे बैंक खाते से रुपए कट गए हैं. लेकिन एटीएम मशीन से रुपए नहीं निकले हैं. जिसकी बैंक की ओर से तस्दीक करने पर एटीएम रिकॉर्ड से रुपए नहीं निकलने पर बैंक ने रुपए निकासी के इंद्राज को निरस्त कर आरोपी के खाते में रुपए वापस जमा करा दिए.

पढ़ें- राजस्थान : बहुचर्चित कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले की CBI जांच के लिए गहलोत सरकार ने की सिफारिश

मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम के संयुक्त प्रयास पर आरोपी की पहचान कर वारदात में वांछित आरोपी अजहर खान, तामिल, शौकीन और रोबन को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है. इसके साथ ही आरोपियों के अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है.

जयपुर. राजधानी की विधायक पुरी थाना पुलिस ने एटीएम मशीनों से छेड़छाड़ कर रुपए निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने राजस्थान के अलग-अलग शहरों में अलग-अलग एटीएम मशीनों से छेड़छाड़ करके रुपए निकालने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के करीब 10 बैंकों में बैंक खाते बताए जा रहे हैं. पुलिस ने आरोपी अजहर खान, शौकीन, रोबन और तामिल को गिरफ्तार किया है.

डीसीपी साउथ हरेंद्र महावर के मुताबिक विधायकपुरी थाने पर पीएसएल राजस्थान लिमिटेड के बिजनेस हेड मयंक शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि कंपनी राजस्थान और अन्य राज्यों में बैंक एटीएम स्थापित और संचालन का कार्य करती है. जयपुर में काफी समय अज्ञात व्यक्तियों ने विभिन्न एटीएम कार्डो का इस्तेमाल कर 220 एटीएम मशीन से छेड़छाड़ करके 1623 ट्रांजैक्शन के माध्यम से एक करोड़ 63 लाख 91 हजार रुपए की ठगी की है. पुलिस ने मामला दर्ज कर स्पेशल टीम का गठन किया. डीसीपी क्राइम दिगंत आनंद और एडिशनल डीसीपी साउथ अवनीश कुमार के निर्देशन में एसीपी अशोकनगर सोहेल राजा के नेतृत्व में स्पेशल टीम का गठन किया गया.

वारदात का तरीका

आरोपी पहले तो अलग-अलग बैंकों में ऑनलाइन अपना बैंक खाता खुलवा ते हैं और एटीएम कार्ड प्राप्त कर लेते हैं. बैंक खाते में ऑनलाइन ही रुपया ट्रांसफर करते हैं. करीब 1 महीने के बाद केवाईसी की तस्दीक होने से पहले ही कार्ड से कई एटीएम से 10-10 हजार रुपए की रकम 5 से 10 बार निकाल लेते हैं. उसके बाद एटीएम कार्ड को तोड़ कर फेंक देते हैं.

एटीएम मशीन से एटीएम कार्ड लगाकर पिन नंबर डालकर रुपए निकालने के लिए प्रोसेस करते हैं. मशीन से रुपए जैसे ही बाहर की तरफ आते हैं, तो मशीन की बिजली या पावर वायर को खींच लेते हैं. जिससे एटीएम मशीन की प्रोसेसिंग कुछ समय के लिए बंद हो जाती है. तभी रुपए ले लेते हैं, लेकिन एटीएम मशीन के रुपयों की निकालने की एंट्री नहीं होती है. एटीएम मशीन के रुपयों की निकलने की एंट्री नहीं होने से आरोपी 24 घंटे में ही कस्टमर केयर पर फोन कर शिकायत दर्ज करा देते हैं कि हमारे बैंक खाते से रुपए कट गए हैं. लेकिन एटीएम मशीन से रुपए नहीं निकले हैं. जिसकी बैंक की ओर से तस्दीक करने पर एटीएम रिकॉर्ड से रुपए नहीं निकलने पर बैंक ने रुपए निकासी के इंद्राज को निरस्त कर आरोपी के खाते में रुपए वापस जमा करा दिए.

पढ़ें- राजस्थान : बहुचर्चित कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले की CBI जांच के लिए गहलोत सरकार ने की सिफारिश

मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम के संयुक्त प्रयास पर आरोपी की पहचान कर वारदात में वांछित आरोपी अजहर खान, तामिल, शौकीन और रोबन को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है. इसके साथ ही आरोपियों के अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है.

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