मुरैना। जिले के नये एसपी ललित शाक्यवार इस समय एक्शन में दिखाई दे रहे हैं. शनिवार की रात साढ़े 8 बजे के करीब पजामा-टीशर्ट में साइकिल से शहर के भ्रमण पर निकले और सामान्य व्यक्ति की तरह सिटी कोतवाली थाने में जा पहुंचे. सिटी कोतवाली में एसपी 4 से 5 मिनट तक घूमते रहे लेकिन कोई पुलिसकर्मी उन्हें पहचान नहीं पाया. एसपी के साथ साइकिल से आए प्रशिक्षु एसडीओपी ने थाने के स्टाफ को बताया, तो ऐसी खलबली मची कि एक ही मिनट में सिटी कोतवाली थाने का पूरा स्टाफ एसपी के सामने सावधान की मुद्रा में खड़ा नजर आया.
एसपी को नहीं पहचान पाया थाना स्टाफ
सिटी कोतवाली थाने के स्टाफ को समझाइश देते हुए एसपी ललित शाक्यवार ने हर सूचना के लिए साइबर सेल के भरोसे रहने की बजाय, मुखबिर तंत्र सक्रिय करने काे कहा है. इसके साथ ही एसपी ने कहा कि अब हम अंग्रेजों की पुलिस नही हैं. देशभक्ति और जनसेवा हमारी ड्यूटी में शामिल है. इसलिए वर्दी पहनने के बाद दिल से कर्तव्य निर्वहन करें और लोगों के साथ शालीनता से पेश आएं, क्योंकि जनता के टैक्स से ही हमें सरकार वेतन दे रही है. काम में गलती और अनुशासनहीनता मिली तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. थाने में आने वाले व्यक्ति से मधुर व्यवहार करने की हिदायत देते हुए कहा कि, मैं ये बातें सिर्फ कह नहीं रहा, बल्कि ये अपनी आदद में शुमार कर लीजिए. सिटी कोतवाल थाना प्रभारी अतुल सिंह को तलब किया और उन्हें साथ लेकर कोतवाली का कोना-कोना चेक किया. कप्तान ने कोतवाली में जब्त चार पहिया और दो पहिया वाहनों को नीलाम करने के निर्देश थाना प्रभारी को दिए. एसपी का कहना था कि थाना कैंपस साफ और स्वच्छ नजर आना चाहिए. थाने का करीब पौन एक घंटे निरीक्षण के बाद एसपी साइकिल से ही शहर के भ्रमण पर निकल गए.इसके बाद कई पुलिसकर्मी भी साइकिल से एसपी के पीछे-पीछे चलते नजर आए. गौरतलब है कि अभी हाल में ही जातिगत विवाद के चलते तत्कालीन एसपी सुनील पांडे को हटाया गया और उनकी जगह नये एसपी ललित शाक्यवार ने ज्वॉइन किया है. और नए एसपी ललित इस समय एक्शन में दिखाई दे रहे हैं.
डंडा न दिखाएं, शालीन व्यवहार करें
एसपी ललित शाक्यवार ने 45 मिनट के मार्गदर्शन में सिटी काेतवाली स्टाफ से कहा कि बेशक उनके पास कार्रवाई के अधिकार हैं लेकिन लोगों को डंडा दिखाने की जरूरत नहीं है. आप पुलिस हैं तो अनुशासन में रहें और लोगों से शालीनता से व्यवहार करें. कोई अभद्रता करता है तो उसकी वीडियोग्राफी तैयार करें. कप्तान ने शहर में बीट सिस्टम पर जोर देते हुए कहा कि सिपाही से लेकर थाना प्रभारी तक बीट में जाएं. लोगों से संवाद बनाएं ताकि आम जनता का विश्वास पुलिसिंग के प्रति कायम रहे. उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मचारी और अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग बिल्कुल न करें.