ग्वालियर। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर सरकार दलित वोटों को साधने के लिए एक बड़ा आयोजन कर रही है. इसमें 1 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य है. परिवहन विभाग से ढाई हजार बसों की मांग की गई है. परिवहन आयुक्त ने अनुसूचित जाति विभाग को चिट्ठी लिखकर 6 करोड़ रुपये मांगे हैं. ये चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस चुनावों के लिए सरकारी पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है.
अंचल में दलित महाकुंभ: इस आयोजन की असल वजह विधानसभा चुनाव है. आगामी चुनाव चंबल-अंचल में बीजेपी को सबसे बड़ी चिंता दलित वोटों को लेकर है, क्योंकि साल 2018 में शिवराज सरकार को दलित वोट न मिलने से अंचल की सभी आरक्षित सीटें बीजेपी हार गई थी, सिर्फ गुना जिले की एक सीट में जीत मिली थी. उपचुनाव में डबरा और करैरा सीट में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था. यही वजह है कि बीजेपी नाराजगी को दूर करने के लिए यह दलित महाकुंभ आयोजित करने जा रही है.
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कांग्रेस के निशाने पर सरकार: यह पत्र वायरल होने के बाद कांग्रेस आरोप लगा रही है कि बीजेपी वोट के नाम पर पैसे की बर्बादी कर रही है. अब सरकारी खजाने से सरकारी मंच पर दलितों को पटाने की सोचा जा रहा है. इसमें BJP नेता सफल नहीं होंगे.