ग्वालियर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने गुरुवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के बाहर जमकर हंगामा किया. उन्होंने विश्वविद्यालय में अश्लील फिल्म देखने के मामले में अब तक की गई कार्रवाई को नाकाफी बताया है. विश्वविद्यालय प्रबंधन पर एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि इस मामले में विश्वविद्यालय के स्थाई और बुजुर्ग कर्मचारी भी शामिल है. उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. सिर्फ नोटिस दिया गया है, जबकि दो महिलाओं सहित चार अन्य लोगों की संलिप्तता को देखते हुए उन्हें बर्खास्तगी भुगतनी पड़ी है. ये गलत है.
बता दें कि, इस मामले में बुधवार को जीवाजी विश्वविधालय ने अपने कर्मचारियों को बचाते हुए पूरी गाज सर्विस प्रोवाइडर के कर्मचारियों पर गिरा दी थी, जिसमें दो महिला सहित 4 कर्मचारियों को सेवा से पृथक किया गया था.
मध्य प्रदेश: जीवाजी विश्वविद्यालय में पॉर्न देखने वाले 8 कर्मचारियों पर गिरी गाज
इस बात का खुलासा तब हुआ जब NKN (नेशनल नॉलेज नेटवर्क) ने हाल ही में जीवाजी प्रशासन को सूचना दी कि 8 यूजर आईडी से सात दिन में 1256 मिनट (लगभग 21 घंटे) पोर्न वेबसाइट सर्च कर देखी गई हैं. सीधे शब्दों में कहें तो हर दिन 179 मिनट लगभग 3 घंटे ऐसी वेबसाइट सर्च की गई हैं, जो प्रतिबंधित हैं. हर एक आईडी से लगभग 22 मिनट पोर्न मटेरियल देखा गया है. सिर्फ सर्च ही नहीं बल्कि उन पर रुककर लंबे समय तक मूवी देखकर डाउनलोड भी किया गया है. अब खुलासा होने के बाद कर्मचारी मुंह छुपाते फिर रहे हैं.