गिरिडीहः झारखंड में विलुप्तप्राय आदिम जनजाति के दो और सदस्यों की मौत हो गई. गिरिडीह के सरिया में दो बिरहोर अजय बिरहोर (22 वर्ष) और डमरू बिरहोर (24 वर्ष) की कुएं में लाश मिली. दोनों सरिया प्रखंड के काला पत्थर बिरहोरटंडा के रहनेवाले थे. घटना की सूचना पर बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता, थानेदार प्रेम कुमार के अलावा, जिला परिषद सदस्य अनूप पांडेय, जेएमएम उपाध्यक्ष त्रिभुवन मंडल, माले नेता भोला मंडल, विजय सिंह कई लोग पहुंचे और घटना की जानकारी ली.
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क्या है पूरा मामला
बताया जाता है कि अजय और डमरू बिरहोर समेत तीन लोग दो दिन पहले ट्रैक्टर पर काम करने गए थे. काम करने के बाद तीनों पैदल ही वापस घर लौट रहे थे. इस बीच तीनों ने घर के लिए सामान खरीदा और रास्ते में शराब पी. इसके बाद घर लौटने लगे. इस दौरान अंधेरा हो गया. ऐसे में एक बिरहोर मोबाइल के टॉर्च को जलाकर आगे आगे चल रहा था, जबकि अजय और डमरू पीछे पीछे आ रहे थे. बताया जा रहा है कि औरवाटांड व काला पत्थर के बीच टांड पर एक कुआं है. इस कुएं की मुंडेर न के बराबर है. लोगों को आशंका है कि इसी मुंडेर पर बैठने के बाद किसी वक्त शराब के नशे में एक के बाद एक कुएं में गिर गए और दोनों की डूबने से मौत हो गई.
परिजनों ने बताया कि गुरुवार की रात को जब दोनों घर नहीं लौटे तो शुक्रवार को काफी खोजबीन की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला. इस बीच शनिवार की सुबह जब कुएं में झांका गया तो दोनों मृत होकर उतराते मिले. बाद में प्रशासन को खबर देकर शवों को निकाला गया.
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इधर मौके पर पहुंचे बीडीओ ने दोनों मृतकों के परिजनों को 30-30 हजार मुआवजा देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि दुखद घटना है. प्रथम दृष्टया दोनों की मौत कुएं में गिरकर डूबने से होने की आशंका है. परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा.
यहां है बिरहोर का वास
झारखंड के कई जिलों में बिरहोर जनजाति के लोग रहते हैं. इसमें मुख्य रूप से चतरा, रामगढ़, हजारीबाग और धनबाद में बिरहोर समुदाय के लोग मिलते हैं, जबकि खूंटी और गिरिडीह के भी कुछ इलाकों में बिरहोर जनजाति के लोगों का निवास है.