कुल्लू: जिला कुल्लू की सैंज घाटी में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. जानकारी के मुताबिक यहां पर एक या दो घर नहीं पूरा का पूरा गांव बह गया है. सैंज बाजार के अलावा नियुली व बेकर गांव पूरी तरह से बह गए हैं. जबकि लोयर शाकटी में 10 मकान बहे हैं और करटाह में चार मकान बहे हैं. गदी बनेहणी में एक मकान व सपागनी में दो मकान व मंदिर बह गया है. वहीं, त्रेहड़ा गांव में भारी मात्रा में भूमि कटाव हुआ है, लेकिन सरकार व प्रशासन पांच दिनों तक यहां के हालातों से बेखबर रही.
कुल्लू में पूरी तरह से तबाह हुए गांव: हालांकि सीएम सुक्खू ने हेलिकॉप्टर के जरीए हवाई सर्वेक्षण भी किया था, जिसमें सैंज बाजार में हुई तबाही का तो पता चल गया था, लेकिन अन्य गांवों के बहने का पता नहीं लग पाया. वहीं, बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने आज लारजी से लेकर नियुली तक का दौरा किया और इस दौरान नियुली और बेकर गांव के पूरी तरह से बह जाने की जानकारी प्राप्त हुई, जिससे अभी तक जिला प्रशासन और सरकार बेखबर थी.
विधायक ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा: विधायक सुरेंद्र शौरी ने आज प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और वहां के हालातों की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि सैंज बाजार के अलावा घाटी में भारी तबाही मची है. नियुली में जहां 16 दुकानें एक मेन पुल बह गया है तो वहीं, अन्य छह पुल भी बहे हैं. कई मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं. इसके अलावा सैंज का बेकर गांव, जहां पांच मकान थे, वह पूरी तरह से तबाह हो गया है. यह सारी जानकारी बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने दी है. विधायक ने बताया कि लोयर शाकटी में 10 मकान बहे हैं. गदी बनेहणी में एक मकान और सपागनी में 2 मकान व एक मंदिर बह गया है.
सैंज घाटी में तबाही: विधायक सुरेंद्र शौरी ने बताया कि सैंज का बेकर गांव पूरी तरह से तबाह हो गया है. करटाह में 4 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और पूरे क्षेत्र में तबाही मची है. विधायक ने बताया कि 350 पर्यटक शांघड में फंसे हुए हैं और उनको निकालने की कोई व्यवस्था अभी नहीं है. विधायक ने कहा कि प्रशासन की अनदेखी से आज बंजार विधानसभा क्षेत्र में त्राहिमाम है. वहां पर कोई अधिकारी नहीं है. अभी तक किसी भी प्रभावित के लिए न तो खाने की व्यवस्था की गई है और न ही रहने की व्यवस्था. यहां तक कि टेंट भी मुहैया नहीं करवाए गए हैं. उन्होंने बताया कि सैंज व बंजार में कोई भी अधिकारी न होने के कारण ही प्रशासन तक सही जानकारी नहीं पहुंच पाई है. पांच दिनों से न तो यहां कोई बिजली की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की.
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