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कांगड़ा में क्यों होगा ड्रोन का इस्तेमाल, भंगाल क्षेत्र में 27 मई से किस अभियान की होगी शुरुआत, जानें सब कुछ...

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Published : May 16, 2023, 9:59 AM IST

कांगड़ा जिले में 27 मई से भांग उखाड़ों महाअभियान की शुरुआत होगी. वहीं, भांग-अफीम खेती एरिया की मैपिंग ड्रोन से की जाएगी. किसी गांव से होगी अभियान की शुरुआत और प्रशासन ने क्याें चुना इस गांव को. पढ़ें पूरी खबर..

कांगड़ा में क्यों होगा ड्रोन का इस्तेमाल
कांगड़ा में क्यों होगा ड्रोन का इस्तेमाल

धर्मशाला: कांगड़ा जिला प्रशासन नशा निवारण मुहिम के तहत जिले में जनभागीदारी से भांग व अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए 1 महीने का महाअभियान चलाएगा. इस अभियान के पहले चरण की शुरुआत 27 मई को कांगड़ा जिले के छोटा भंगाल क्षेत्र से होगी. उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि महाअभियान की शुरुआत से पूर्व 25 मई को छोटा भंगाल क्षेत्र में जन जागरूकता के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. इस दौरान नशा निवारण रैली, व्याख्यान समेत अन्य कार्यक्रमों के जरिए लोगों को महाभियान से जुड़ने को प्रोत्साहित किया जाएगा.

26 मई को 7 पंचायतों में बैठक: 26 मई को क्षेत्र की सभी 7 पंचायतों में गठित नशा निवारण समितियों की बैठकें होंगी, जिनमें 27 से आरंभ हो रहे अभियान के लिए क्षेत्रवार संपूर्ण प्लान पर चर्चा होगी. इन बैठकों में क्षेत्र में नशे की समस्या तथा पंचायतवार भांग व अफीम की खेती के स्थलों की पहचान और उसके अनुरूप उन्हें नष्ट करने की योजना बनाई जाएगी. 27 मई को भांग उखाड़ो अभियान की विधिवत शुरुआत होगी.

दो चरण में चलेगा महाअभियान: डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि यह महाअभियान जिले में दो चरण में 27 मई से 26 जून तक चलेगा. इसमें पहले चरण में 27 मई से 10 जून तक मुलथान तहसील की 7 पंचायतों में जन सहयोग से भांग व अफीम के पौधों को उखाड़ने और नष्ट करने के लिए एकीकृत प्रयास किए जाएंगे. उसके बाद जिले के अन्य हिस्सों में यह अभियान चलेगा. 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर महाअभियान को दूसरा व अंतिम चरण संपन्न होगा. बता दें, इस महाअभियान की शुरुआत भंगाल क्षेत्र से करने की बड़ी वजह वहां का मौसम है, जो इस प्रकार की खेती के लिए अनुकूल रहता है. वहां इन पौधों की वृद्धि ज्यादा जल्दी होती है ऐसे में शुरुआत में ही उन्हें उखाड़कर नष्ट किया जाना आसान रहेगा.

पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन: इस महाअभियान के सफल संचालन के लिए पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन किया जाएगा. प्रशासन, पुलिस तथा अन्य सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ साथ इन समितियों में पंचायती राज संस्थाओं, महिला व युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षण संस्थानों, गैर सरकारी संस्थाओं, एनएसएस और एनसीसी के स्वयंसेवियों समेत समाज के हर तबके की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. इसे लेकर संबंधित एसडीएम तथा बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं.

खेल गतिविधियों का भी होगा समायोजन: उन्होंने कहा कि नशा निवारण मुहिम के तहत भांग उखाड़ो महाअभियान में ग्रामीण खेल गतिविधियों का समायोजन भी होगा, ताकि युवाओं और महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के साथ साथ नशा निवारण का संदेश घर घर पहुंचे तहसील स्तर पर महिलाओं, युवाओं के लिए कबड्डी, वॉलीबॉल और रस्साकशी जैसी खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. तहसील स्तर पर रहे विजेता उपमंडल स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे. वहां जीतने वालों को जिला स्तर पर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा. फाइनल विजेताओं को 26 जून को आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार दिए जाएंगे.

भांग-अफीम खेती एरिया की मैपिंग पर ड्रोन का इस्तेमाल: एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि जिले में भांग-अफीम की खेती के एरिया की मैपिंग को ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा ड्रोन से मैपिंग करके उन इलाकों के लिए विशेष योजना के अनुरूप कार्य होगा. उन्होंने लोगों से भांग-अफीम की खेती की सूचना पुलिस व प्रशासन से साझा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी. बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल, एसडीएम बैजनाथ डीसी ठाकुर, डीएफओ पालमपुर डॉ. नितिन पाटिल, बीडीओ बैजनाथ राकेश पटियाल, जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच, रेंज वन अधिकारी बैजनाथ आदित्य सिंह, रेंज वन अधिकारी वाइल्ड लाइफ बीड़ पवन कुमार, संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधान दुर्गेश, चंद्रमणी, गुड्डी देवी, शालु देवी, रक्षा देवी सहित अन्य पदाधिकारी तथा विभिन्न पंचायतों के अधिकारी उपस्थित रहे.

ये भी पढ़ें. पांवटा पुलिस ने शुरू किया भांग उखाड़ो अभियान, 5 हजार पौधों को नष्ट किया

धर्मशाला: कांगड़ा जिला प्रशासन नशा निवारण मुहिम के तहत जिले में जनभागीदारी से भांग व अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए 1 महीने का महाअभियान चलाएगा. इस अभियान के पहले चरण की शुरुआत 27 मई को कांगड़ा जिले के छोटा भंगाल क्षेत्र से होगी. उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि महाअभियान की शुरुआत से पूर्व 25 मई को छोटा भंगाल क्षेत्र में जन जागरूकता के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. इस दौरान नशा निवारण रैली, व्याख्यान समेत अन्य कार्यक्रमों के जरिए लोगों को महाभियान से जुड़ने को प्रोत्साहित किया जाएगा.

26 मई को 7 पंचायतों में बैठक: 26 मई को क्षेत्र की सभी 7 पंचायतों में गठित नशा निवारण समितियों की बैठकें होंगी, जिनमें 27 से आरंभ हो रहे अभियान के लिए क्षेत्रवार संपूर्ण प्लान पर चर्चा होगी. इन बैठकों में क्षेत्र में नशे की समस्या तथा पंचायतवार भांग व अफीम की खेती के स्थलों की पहचान और उसके अनुरूप उन्हें नष्ट करने की योजना बनाई जाएगी. 27 मई को भांग उखाड़ो अभियान की विधिवत शुरुआत होगी.

दो चरण में चलेगा महाअभियान: डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि यह महाअभियान जिले में दो चरण में 27 मई से 26 जून तक चलेगा. इसमें पहले चरण में 27 मई से 10 जून तक मुलथान तहसील की 7 पंचायतों में जन सहयोग से भांग व अफीम के पौधों को उखाड़ने और नष्ट करने के लिए एकीकृत प्रयास किए जाएंगे. उसके बाद जिले के अन्य हिस्सों में यह अभियान चलेगा. 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर महाअभियान को दूसरा व अंतिम चरण संपन्न होगा. बता दें, इस महाअभियान की शुरुआत भंगाल क्षेत्र से करने की बड़ी वजह वहां का मौसम है, जो इस प्रकार की खेती के लिए अनुकूल रहता है. वहां इन पौधों की वृद्धि ज्यादा जल्दी होती है ऐसे में शुरुआत में ही उन्हें उखाड़कर नष्ट किया जाना आसान रहेगा.

पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन: इस महाअभियान के सफल संचालन के लिए पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन किया जाएगा. प्रशासन, पुलिस तथा अन्य सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ साथ इन समितियों में पंचायती राज संस्थाओं, महिला व युवक मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षण संस्थानों, गैर सरकारी संस्थाओं, एनएसएस और एनसीसी के स्वयंसेवियों समेत समाज के हर तबके की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. इसे लेकर संबंधित एसडीएम तथा बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं.

खेल गतिविधियों का भी होगा समायोजन: उन्होंने कहा कि नशा निवारण मुहिम के तहत भांग उखाड़ो महाअभियान में ग्रामीण खेल गतिविधियों का समायोजन भी होगा, ताकि युवाओं और महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के साथ साथ नशा निवारण का संदेश घर घर पहुंचे तहसील स्तर पर महिलाओं, युवाओं के लिए कबड्डी, वॉलीबॉल और रस्साकशी जैसी खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. तहसील स्तर पर रहे विजेता उपमंडल स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे. वहां जीतने वालों को जिला स्तर पर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा. फाइनल विजेताओं को 26 जून को आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार दिए जाएंगे.

भांग-अफीम खेती एरिया की मैपिंग पर ड्रोन का इस्तेमाल: एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि जिले में भांग-अफीम की खेती के एरिया की मैपिंग को ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा ड्रोन से मैपिंग करके उन इलाकों के लिए विशेष योजना के अनुरूप कार्य होगा. उन्होंने लोगों से भांग-अफीम की खेती की सूचना पुलिस व प्रशासन से साझा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी. बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल, एसडीएम बैजनाथ डीसी ठाकुर, डीएफओ पालमपुर डॉ. नितिन पाटिल, बीडीओ बैजनाथ राकेश पटियाल, जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच, रेंज वन अधिकारी बैजनाथ आदित्य सिंह, रेंज वन अधिकारी वाइल्ड लाइफ बीड़ पवन कुमार, संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधान दुर्गेश, चंद्रमणी, गुड्डी देवी, शालु देवी, रक्षा देवी सहित अन्य पदाधिकारी तथा विभिन्न पंचायतों के अधिकारी उपस्थित रहे.

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