चंडीगढ़: हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने मंगलवार की रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की. इस मुलाकात के बारे में मीडिया को बताते हुए कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि हमने गृह मंत्री को किसान आंदोलन और कैमला गांव मामले के बारे में जानकारी दी. हमने जो केंद्रीय गृह मंत्री को जानकारी दी. उससे वो संतुष्ट दिखे.
'टकराव की स्थिति नहीं चाहती बीजेपी'
उन्होंने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के बाद राज्य सरकार ने ये फैसला किया है कि वो अब राज्य में कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं करेंगे. कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि हम किसी तरह के टकराव की स्थिति नहीं पैदा करना चाहते. इसलिए हमने फैसला लिया है कि राज्य में फिलहाल किसी प्रकार का राजनीतिक कार्यक्रम पार्टी द्वारा आयोजित नहीं किया जाएगा.
कैमला गांव में किसानों के विरोध पर भी दी प्रतिक्रिया
वहीं कैमला गांव में हुए किसानों के प्रदर्शन और पुलिस के लाठीचार्ज पर कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि कैमला गांव में कहीं पर लाठीचार्ज नहीं किया गया. सिर्फ भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन और हल्का बल प्रयोग किया गया. उन्होंने कहा कि भीड़ को रोकने के लिए जो सबसे हल्का प्रयास है. कैमला गांव में वो किया गया.
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विपक्ष पर वार करते हुए गुर्जर ने कहा कि विपक्ष पिछले विधानसभा सत्र में किसानों के मुद्दे पर चर्चा करने से भाग गया था. वहीं किसान आंदोलन को जारी रखने पर गुर्जर ने कहा कि अगर वे सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं स्वीकार्य करते, तो फिर देश की जनता आपपर फैसला देगी. वहीं 26 जनवरी के कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस कार्यक्रम देश का गौरव है. किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं.
किसका-किसका हुआ विरोध-
- 31 दिसंबर को किसानों ने यमुनानगर में शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर के कार्यक्रम के विरोध में कार्यक्रम स्थल की घेराबंदी कर दी और जब इस बात की सूचना पुलिस को मिली तो भारी मात्रा में पुलिस बल वहां तैनात कर दिया गया. बाद में शिक्षा मंत्री ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया.
- 10 जनवरी को डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा का हिसार स्थित उनके ससुराल आर्य नगर में किसानों ने जमकर विरोध किया और काले झंडे दिखाए. इस दौरान धक्का-मुक्की में डिप्टी स्पीकर की गाड़ी का शीशा भी टूट गया.
- 10 जनवरी को करनाल में प्रदेश के मुखिया मनोहर लाल खट्टर कैमला गांव में किसान महापंचायत करने वाले थे. लेकिन किसानों के भारी विरोध के चलते सीएम के कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा. मुख्यमंत्री को कैमला गांव से कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करना था. लेकिन वो उद्घाटन भी किसानों ने ही कर दिया. यहीं नहीं जिस जगह सीएम मनोहर लाल के हेलिकॉप्टर को उतरने के लिए हेलिपैड बनवाया गया था. उस हेलिपैड को भी किसानों ने खोद डाला.
- 19 दिसंबर को असन्ध में करनाल के सांसद संजय भाटिया के बेटे चांद भाटिया को किसानों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. इस दौरान चांद भाटिया को किसानों से माफी भी मांगनी पड़ी.
- 24 दिसंबर को जींद में किसानों ने डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के आगमन से पहले उनके हेलीकॉप्टर के लिए बनाया गया हेलीपैड को कस्सी से खोद दिया.
- 25 दिसंबर को राज्यमंत्री कमलेश ढांडा को उस समय किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा. जब वो कलायत के दौरे पर थीं. इस दौरान किसानों ने उनकी गाड़ी के सामने आकर ना सिर्फ सरकार विरोधी नारे लगाए. बल्कि मंत्री के काले झंडे भी दिखाए.
- 8 दिसंबर को करनाल के पाढ़ा गांव में किसानों ने सीएम के लिए बनाए गए हेलिपैड को खोद दिया और टेंट को उखाड़ दिए.
- 30 नवंबर को अंबाला में किसानों ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज का ना सिर्फ विरोध किया बल्कि काले झंडे भी दिखाए.