उत्तराखंडः IIP के वैज्ञानिकों ने किया कमाल, रसोई के तेल से दौड़ेंगी गाड़ियां - dehradun diesel
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धरती पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की मात्रा सीमित है, लेकिन जिस तरह से आज डीजल-पेट्रोल की खपत हो रही है, उससे साफ है कि भविष्य खतरे में हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए देहरादून में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान ने वेस्ट कुकिंग ऑयल से डीजल बनाने की तकनीक खोज निकाला है, जो आने वाले भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी. बायोडीजल को लेकर पिछले 8 सालों से शोधरत भारतीय पेट्रोलियम संस्थान ने अब रसोई में इस्तेमाल होने वाले कुकिंग ऑयल से डीजल बनाने की शुरुआत कर दी है. शोध टीम के प्रिंसिपल साइंटिस्ट नीरज ने इस बायोडीजल सेटअप के बारे में समझाया कि डीजल बनाने में खाना बनाने वाले तेल का इस्तेमाल किया गया है. प्रयोगशाला में बने हुए मॉडल के जरिए वैज्ञानिक नीरज ने बताया कि उनके ही संस्थान की मेस से वेस्ट कुकिंग ऑयल को एकत्रित किया गया है और फिर इस वेस्ट को अलग करके एक कंटेनर में भेजा जाता है.