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बेंगलुरु की केमिकल फैक्ट्री में आग मामले में पत्नी-बेटे संग मालिक गिरफ्तार

बापुजीनगर की एक केमिकल फैक्ट्री में आग इतनी भीषण थी कि करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है. वहीं, पुलिस ने बताया कि हादसे के मुख्य गवाह का बयान भी दर्ज कर लिया गया है.

police arrest owners of chemical unit in bengaluru
बापुजीनगर की एक केमिकल फैक्ट्री में आग
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Published : Nov 12, 2020, 7:09 PM IST

बेंगलुरु : कर्नाटक जिले के बापुजीनगर की एक केमिकल फैक्ट्री में मंगलवार को भीषण आग लग गई थी, जिसमें काफी नुकसान हुआ था. वहीं, केमिकल फैक्ट्री में आग लगने के दूसरे दिन पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को बेटे संग गिरफ्तार कर लिया. बता दें, इस केमिकल फैक्ट्री में अवैध रूप से सैनिटाइजर और पेंट थिनर के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 1,800 बैरल रसायनों को रखा गया था.

फैक्ट्री मालिक पत्नी और बेटे संग गिरफ्तार

बापुजीनगर की एक केमिकल फैक्ट्री में आग इतनी भीषण थी कि उसको बुझाने में 15 अग्निशमन गाड़ियों को 6 घंटे से अधिक का समय लगा था. इस मामले में पुलिस ने बताया कि रेखा केमिकल इंडस्ट्रीज के मालिक सज्जनराज, उनकी पत्नी कमला और उनके बेटे अनिल कुमार को शंकरपुरम में उनके घर से गिरफ्तार किया गया है. बापुजीनगर की एक केमिकल फैक्ट्री में आग मामले पर डीसीपी पश्चिम एम पाटिल ने कहा कि इन दोनों के पास बोम्मसंद्रा इंडस्ट्रियल इलाके में दो कारखाने हैं और दोनों को चलाने का लाइसेंस है, लेकिन उनके पास गोदाम में रासायनिक बैरल को रखने का लाइसेंस नहीं था. उन्होंने कहा कि फैक्ट्री मालिकों ने बीबीएमपी, फायर और इमरजेंसी सर्विसेज या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इसके लिए कोई अनुमति भी नहीं ली थी. डीसीपी पश्चिम ने बताया कि यह फैक्ट्री कमला सज्जनराज के नाम पर खरीदी गई थी और जीएसटी उसके नाम पर है.

बरती नहीं गई थी सावधानी

डीसीपी ने कहा कि लगभग 64,000 लीटर, 16 तरह के अत्यधिक ज्वलनशील प्रकार के केमिकल 320 बैरल से अधिक में अवैध ढंग से रखे गए थे. पुलिस ने कहा कि आग तब भड़की जब उनका एक कर्मचारी एक बैरल से दूसरे में केमिकल पलट रहा था. पुलिस ने कहा चूंकि ये केमिकल अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं, इसलिए गर्म धूप वाले दिन और इस परिमाण के कारण स्थैतिक आवेश उत्पन्न करने वाले रसायनों को वहां से हटा दिया जाता है.

हादसे के मुख्य गवाह का बयान दर्ज

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि फैक्ट्री के मालिक सज्जनराज ने कथित तौर पर अपने कर्मचारी से उसे आइसोप्रोपिल अल्कोहल केमिकल एक बैरल से दूसरे में पलटने को कहा, लेकिन उनका बैरल सूर्य की रोशनी में था, इसलिए आग लग गई. पुलिस ने बताया कि इस मामले के मुख्य गवाह बीजू सिंह का बयान दर्ज कर लिया गया है. अब तक की जांच से पता चला है कि सज्जनराज ने 1978 में रेखा केमिकल्स की स्थापना की थी. उन्होंने मुंबई, कोच्चि और चेन्नई से कच्चा माल खरीदा, जिसका इस्तेमाल वे पेंट थिनर और सैनिटाइजर बनाने में करते थे.

आग से 3 करोड़ रुपये का नुकसान, 5 इमारतें क्षतिग्रस्त

बापुजीनगर की एक केमिकल फैक्ट्री में आग करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है. वहीं, पांच इमारतों को भी नुकसान पहुंचा, जबकि पांच कारें, एक माल वाहक, दो बाइक और दो बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं. साइट से सटे एक गोदाम में प्लास्टिक का गोदाम भी क्षतिग्रस्त हो गया. जिससे मालिक को करीब 45 लाख का नुकसान हुआ. निकटवर्ती गोदाम के मालिक अयाज और माल वाहन चालक शंभुलिंग ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि आग इतनी तेज भड़क गई थी कि उसे नियंत्रण करना मुश्किल हो गया था.

बेंगलुरु : कर्नाटक जिले के बापुजीनगर की एक केमिकल फैक्ट्री में मंगलवार को भीषण आग लग गई थी, जिसमें काफी नुकसान हुआ था. वहीं, केमिकल फैक्ट्री में आग लगने के दूसरे दिन पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को बेटे संग गिरफ्तार कर लिया. बता दें, इस केमिकल फैक्ट्री में अवैध रूप से सैनिटाइजर और पेंट थिनर के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 1,800 बैरल रसायनों को रखा गया था.

फैक्ट्री मालिक पत्नी और बेटे संग गिरफ्तार

बापुजीनगर की एक केमिकल फैक्ट्री में आग इतनी भीषण थी कि उसको बुझाने में 15 अग्निशमन गाड़ियों को 6 घंटे से अधिक का समय लगा था. इस मामले में पुलिस ने बताया कि रेखा केमिकल इंडस्ट्रीज के मालिक सज्जनराज, उनकी पत्नी कमला और उनके बेटे अनिल कुमार को शंकरपुरम में उनके घर से गिरफ्तार किया गया है. बापुजीनगर की एक केमिकल फैक्ट्री में आग मामले पर डीसीपी पश्चिम एम पाटिल ने कहा कि इन दोनों के पास बोम्मसंद्रा इंडस्ट्रियल इलाके में दो कारखाने हैं और दोनों को चलाने का लाइसेंस है, लेकिन उनके पास गोदाम में रासायनिक बैरल को रखने का लाइसेंस नहीं था. उन्होंने कहा कि फैक्ट्री मालिकों ने बीबीएमपी, फायर और इमरजेंसी सर्विसेज या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इसके लिए कोई अनुमति भी नहीं ली थी. डीसीपी पश्चिम ने बताया कि यह फैक्ट्री कमला सज्जनराज के नाम पर खरीदी गई थी और जीएसटी उसके नाम पर है.

बरती नहीं गई थी सावधानी

डीसीपी ने कहा कि लगभग 64,000 लीटर, 16 तरह के अत्यधिक ज्वलनशील प्रकार के केमिकल 320 बैरल से अधिक में अवैध ढंग से रखे गए थे. पुलिस ने कहा कि आग तब भड़की जब उनका एक कर्मचारी एक बैरल से दूसरे में केमिकल पलट रहा था. पुलिस ने कहा चूंकि ये केमिकल अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं, इसलिए गर्म धूप वाले दिन और इस परिमाण के कारण स्थैतिक आवेश उत्पन्न करने वाले रसायनों को वहां से हटा दिया जाता है.

हादसे के मुख्य गवाह का बयान दर्ज

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि फैक्ट्री के मालिक सज्जनराज ने कथित तौर पर अपने कर्मचारी से उसे आइसोप्रोपिल अल्कोहल केमिकल एक बैरल से दूसरे में पलटने को कहा, लेकिन उनका बैरल सूर्य की रोशनी में था, इसलिए आग लग गई. पुलिस ने बताया कि इस मामले के मुख्य गवाह बीजू सिंह का बयान दर्ज कर लिया गया है. अब तक की जांच से पता चला है कि सज्जनराज ने 1978 में रेखा केमिकल्स की स्थापना की थी. उन्होंने मुंबई, कोच्चि और चेन्नई से कच्चा माल खरीदा, जिसका इस्तेमाल वे पेंट थिनर और सैनिटाइजर बनाने में करते थे.

आग से 3 करोड़ रुपये का नुकसान, 5 इमारतें क्षतिग्रस्त

बापुजीनगर की एक केमिकल फैक्ट्री में आग करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है. वहीं, पांच इमारतों को भी नुकसान पहुंचा, जबकि पांच कारें, एक माल वाहक, दो बाइक और दो बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं. साइट से सटे एक गोदाम में प्लास्टिक का गोदाम भी क्षतिग्रस्त हो गया. जिससे मालिक को करीब 45 लाख का नुकसान हुआ. निकटवर्ती गोदाम के मालिक अयाज और माल वाहन चालक शंभुलिंग ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि आग इतनी तेज भड़क गई थी कि उसे नियंत्रण करना मुश्किल हो गया था.

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