कडप्पा (आंध्रप्रदेश) : प्रदेश में अन्नमाया परियोजना (Annamaya Project) राजमपेट विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों के लिए शोक साबित हुई है. विनाश के मद्देनजर तोगुरूपेटा, मंडापल्ली, पुलापाथुर और गुंडलूर गांवों में सन्नाटा पसरा नजर आता है.
परियोजना के मिट्टी के बांध के टूट जाने से आई आकस्मिक बाढ़ के चलते इन गांवों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लापता हो गए. अचानक दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शुक्रवार को बाढ़ आ गई और पानी का स्तर 10 फुट तक चला गया.
अचानक पानी छोड़े जाने की घटना से अनजान गांववासी बाढ़ आने पर अपनी-अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे. इन गांवों के हजारों मकान मलबे में तब्दील हो गए हैं. ग्रामीणों की सब चीजें बाढ़ की भेंट चढ़ गई और अब उनके बदन पर बस कपड़े बचे हैं.
सैंकड़ों एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसल नष्ट हो गई. कई मवेशी पानी में बह गए. घर में कुछ नहीं बचा, ऐसा लग रहा है कि बाढ़ सब कुछ निगल गई. तोगुरूपेटा और मंडापल्ली के रोते-बिलखते ग्रामीणों ने कहा कि यह सब बाढ़ में हुआ. त्रासदी के बारे में कोई चेतावनी नहीं दी गई और हमें विभीषिका को झेलने को छोड़ दिया गया. अब हमारी हमारी जिंदगी तबाह हो गई.
पुलापाथुर गांव में 12, मंडापल्ली में नौ और गुंडलूर में पांच चेय्येरू की तेज धारा में बह गए. अब तक बस 18 शव मिले हैं , बाकी का कोई अता-पता नहीं चला है. अन्नमाया पेन्ना नदी की सहायक चेय्येरू पर 2.24 टीएमसी फुट क्षमता वाली मध्यम सिंचाई परियोजना है. यह 22500 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्रदान करती है तथा 140 बस्तियों को पेयजल उपलब्ध कराती है.
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ऊपरी क्षेत्र में पिंचा परियोजना की दीवार में दरार आने के बाद सारा पानी अन्नमाया में छोड़ दिया गया. उधर भारी वर्षा के चलते शेषचलम का पानी भी आ गया. फलस्वरूप दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ दिया गया. उसके बाद चेय्येरू नदी उफान पर आ गई और राजमपेट और नंदालुरू मंडलों में कम से कम 10 गांव डूब गए एवं भारी विनाश हुआ.
(पीटीआई-भाषा)