गया. बिहार के गया में पहली बार लेमनग्रास से साबुन तैयार (Lemongrass soap made in Gaya) किया गया है. यह कारनामा गया की ललिता देवी ने की हैं. यह साबुन पूरी तरह से प्राकृतिक है और शरीर के स्किन लिए फायदेमंद भी. यह केमिकल फ्री है. लेमनग्रास से इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया गया है. बता दें कि बीते माह गया में समाधान यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार को लेमन ग्रास की चाय पिलाकर ललिता देवी चर्चा में आई थी.
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2005 में संस्था से जुड़ी : गया जिले के मानपुर प्रखंड अंतर्गत गौरक्षणी मोहल्ले की रहने वाली ललिता देवी काफी संघर्षशील महिला रही है. वर्ष 1995 में शादी के बाद ससुराल में काफी उपेक्षित हालातों का सामना किया. इससे परिवार की स्थिति बिगड़ती रही. परिवार को संभालने के लिए वर्ष 2005 में संस्था से जुड़ी और और खुद को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास शुरू कर दिया. इसके बाद विभिन्न संस्थाओं से जुड़ती गई और अनेक उत्पादन शुरू किए.
वर्तमान में आजीविका से जुड़ी हैं: वर्तमान में ललिता देवी आजीविका से जुड़ी है. फिलहाल में वह लेमनग्रास से प्रोडक्ट तैयार कर रही है. ललिता देवी बताती हैं कि बिहार में पहली बार उसके द्वारा लेमनग्रास से साबुन तैयार की गई है. उन्होंने कहा कि जूट से भी कई चीजें बनाई जा रही है. जूट के खिलौने, बैग समेत कई सामानों को बनाया जा रहा है. इसके अलावा मधुबनी पेंटिंग पर आधारित साड़ी भी तैयार की जा रही है.
सैकड़ों महिलाओं को बनाया स्वाबलंबी: ललिता देवी ने खुद को अपनी संघर्ष के बीच आत्मनिर्भर बनाया. वहीं, सैकड़ों महिलाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें भी स्वावलंबी बनाया है. ललिता देवी से ट्रेनिंग प्राप्त महिलाएं कोई न कोई रोजगार जुड़ गई है. ललिता देवी बताती है कि उसने विपरीत हालातों के बीच अपने बच्चों को पढ़ाया और खुद को आगे बढ़ाया है.
"यह साबुन पूरी तरह से प्राकृतिक है और शरीर के स्किन लिए फायदेमंद भी. यह साबुन पूरी तरह से केमिकल फ्री है. लेमनग्रास से इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया गया है. फिलहाल में लेमनग्रास से विभिन्न प्रोडक्ट बना रही है." -ललिता देवी