लखनऊ: प्रदेश सरकार वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर तेजी से बढ़ रही है. भाजपा सरकार ने विभिन्न सेक्टर्स में 101 प्रतिशत सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) हासिल किया है. खासकर कृषि, खनन, निर्माण, ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट सेक्टर में यूपी में मजबूती दिखाई देने लगी है. इसमें भी ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज एवं कम्युनिकेशन सेक्टर में टारगेट से 129 प्रतिशत अधिक का लक्ष्य हासिल किया गया है. भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों पर आधारित एक रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है. इन आंकड़ों ने योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को औद्योगिक प्रदेश बनाने के संकल्प को मजबूती दी है.
भाजपा सरकार में प्रदेश के विकास के लिए विभिन्न सेक्टर्र को लेकर बनाई जा रही रणनीतियों का असर दिखने लगा है. यही वजह है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में सकल राज्य मूल्य वर्धित (जीएसवीए) में कई सेक्टर्स में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है. इनमें कृषि और उससे संबंधित सेक्टर में 5.85 लाख करोड़ रुपये के टार्गेट के सापेक्ष 5.98 लाख करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जो कि 102 प्रतिशत रही. वहीं खनन और उत्खनन सेक्टर में 0.26 लाख करोड़ रुपये के सापेक्ष 0.30 लाख करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जो कि 115 प्रतिशत रही.
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इसी प्रकार निर्माण क्षेत्र में 2.48 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 2.79 लाख करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जो कि 112 प्रतिशत रही. ऐसे ही ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज एवं कम्युनिकेशन सेक्टर में 1.53 लाख करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 1.98 लाख करोड़ रुपये के साथ इसमें सर्वाधिक 129 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई. बात करें रियल स्टेट और मकान खरीदने से संबंधित सेक्टर की, तो यहां भी लक्ष्य के सापेक्ष 102 प्रतिशत प्रगति रही. वित्तीय वर्ष 2023-24 में रियल स्टेट सेक्टर के लिए 3.23 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था, जबकि इस सेक्टर ने 3.29 लाख करोड़ का व्यापार किया.
इसके अलावा निर्माण क्षेत्र, ऊर्जा, ट्रेड, रिपेयरिंग, होटल एवं रेस्टोरेंट, फाइनेंशियल सेवा, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेश, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य सेक्टर में भी सरकार के प्रयासों का असर स्पष्ट दिखाई देने लगा है. उद्यमियों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर हुए तमाम प्रयासों का असर अब उद्योग-व्यापार की सुदृढ़ता में दिखाई देने लगा है. सबसे अधिक फायदा उद्योग-व्यापार के दूसरे सेक्टर में देखने को मिल रहा है, जिसमें 104 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वहीं प्राथमिक क्षेत्र में भी लक्ष्य के सापेक्ष 103 प्रतिशत बढ़त हुई है.
गौरतलब है कि सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) एक आर्थिक उत्पादकता मीट्रिक है, जो किसी राज्य की अर्थव्यवस्था और उत्पादक क्षेत्र में उसके योगदान को मापता है. इसमें विभिन्न सेक्टर में निजी खपत, सकल निवेश, सरकारी निवेश, सरकारी व्यय, कुल निर्यात, कुल आयात, उत्पादों पर कुल कर और उत्पादों पर कुल सब्सिडी को मापा जाता है.