पलामू: विकास और ईमानदारी ही चुनाव का मुद्दा है. उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा तो राजनीति से सन्यास ले लूंगा और सामाजिक जीवन में रहूंगा. यह बात डालटनगंज विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाले दिलीप सिंह नामधारी ने कही है. दिलीप सिंह नामधारी झारखंड के पहले विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह रामधारी के बेटे हैं. इंदर सिंह नामधारी 25 वर्षो तक झारखंड विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया है. दिलीप सिंह नामधारी डालटनगंज निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी अभियान की शुरूआत की है.
बोझ बनने वाली राजनीति कभी नहीं करूंगा: दिलीप सिंह
दिलीप सिंह नामधारी से ईटीवी भारत के संवाददाता ने खास बातचीत की है. दिलीप सिंह नामधारी ने कहा कि विकास और ईमानदारी चुनावी मुद्दा है. कोई जात पात या धर्म की राजनीति नहीं है, बात सिर्फ ईमानदारी और विकास की है. उन्होंने कहा कि उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा तो राजनीति से सन्यास ले लूंगा और सामाजिक जीवन गुजारेंगे. वैसी राजनीति कभी नहीं करेंगे, जो कभी बोझ बन जाए.
दिलीप सिंह नामधारी ने कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र काफी पीछे चला गया है. जनता से जुड़े हुए योजनाओं में पैसे की मांग की जाती है. किसी भी मंच पर बहस कर ले, मैं इस बारे में बता सकता हूं. इंदर सिंह नामधारी के कार्यकाल को लोगों ने देखा है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यही तो डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र की खूबसूरती है कि 250 के करीब सिख परिवार होने के बावजूद इंदर सिंह नामधारी को लोगों ने विधायक चूना.
बता दें कि झारखंड विधानसभा के कुल 81 सीटों पर सभी पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. सीटों को लेकर नामांकरण प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है. 81 विधानसभा सीटों में से डालटनगंज सीट काफी खास माना जा रहा है. डालटनगंज से भाजपा प्रत्याशी आलोक चौरसिया है, जो दो बार से लगातार विधायक रह चुके हैं. वहीं, झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री केएन त्रिपाठी कांग्रेस से उम्मीदवार है.
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