सारण: तस्वीर में दिख रहे कपल में दूल्हा भारतीय है और दुल्हन अमेरिकन हैं. बिहार के छपरा के आनंद सिंह ने अमेरिका की सफायर से शादी की है. शादी काफी धूमधाम से गांव में ही संपन्न हुई. देसी दूल्हा और अमेरिकन दुल्हन की चर्चा एक बार फिर हो रही है. इस शादी से जितने आनंद सिंह खुश हैं, उससे ज्यादा इनके घर वाले खुश हैं. घर में अमेरिकन बहू आने पर फूले नहीं समा रहे हैं. आईये जानते हैं दोनों की प्रेम कहानी के बारे में.
अमेरिकी दुल्हन को भाया बिहारी दूल्हा: दरअसल, मांझी प्रखंड के ग्राम चंदउपुर निवासी आनंद सिंह पेशे से शेफ हैं. दुर्गापुर से होटल मैनेजमेंट से पढ़ाई करने के बाद जर्मनी चले गए थे. वहां से वर्षों पहले अमेरिका जॉब करने गए. वहां इनकी जॉब एक रेस्टोरेंट में बतौर हेड शेफ हुई. आनंद बताते हैं कि सफायर सैंगर उस रेस्टोरेंट में मैनेजर थी. धीरे-धीरे दोनों में बातचीत होने लगी और यह बातचीत प्यार में बदल गया.
आनंद कुमार सिंह की तरफ से सफायर को शादी का प्रस्ताव दिया गया जो उसने हंसी-खुशी स्वीकार किया. बता दें कि सफायर के माता-पिता दोनों नहीं हैं. सफायर भारतीय बहू बनने को राजी हो गई. इसके बाद आनंद ने अपने घर वालों को इसके लिए राजी किया. हालांकि घरवालों ने कोई विरोध नहीं किया और सफायर को अपनी बहू बनाने लिए तैयार हो गए.
"मैं अमेरिका में रेस्टोरेंट में हेड शेफ था और सफायर वहां मैनेजर थी. इसी दौरान हमलोगों की बात शुरू हुई थी फिर मैने ही सफायर को प्रपोज किया था. हमदोनों ने मिलकर एक रेस्टोरेंट खोला और फिर गांव आकर शादी की." - शेफ आनंद सिंह
हिन्दू रीती रिवाज से शादी: आनंद कुमार सिंह ने अपने होने वाली पत्नी से कहा कि हम अपने घर बिहार चलकर पूरी हिन्दू रीती रिवाज के साथ शादी करेंगे. ऐसा मेरे घर वालों का कहना है तो उसके लिए सफायर के परिवार भी राजी हो गए. सफायर सैंगर के साथ इस शादी में शरीक होने उसकी बहन भाई और लगभग दर्जन भर अमेरिकन मित्र भी साथ में आए.
विवाह की रस्म देख सफायर खुश: आज 20 जनवरी को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार पूरे विधि विधान से शादी हुई. शादी में वह सभी रस्मे हुई जो बिहार के आम शादियों में होती है. हल्दी, मेहंदी, मरवा, मटकोर, गीत मागर, देवी-देवता पूजन, फिर उसके बाद फेरे और विवाह की रस्म गांव के शिव मंदिर में हुई. बहु के घर आने पर दौरा में डेग डालकर घर के अंदर ले जाया गया. ये सब रीति रिवाज देखकर सफायर काफी खुश हैं और उसे परिवार भी पसंद आया.
इस शादी की चर्चा सारण में नहीं पूरे बिहार और पूरे देश में हो रही है. शादी के बाद अमेरिकन सफायर पूरी तरह से भारतीय बहु बन गयी. शृंगार करके माथे पर बिंदी और सिंदूर लगाकर अपने घर में प्रवेश की तो देखने वालो ने कहा कि 'यही भारतीय संस्कृति की पहचान है, जिसने सात समंदर पार की बेटी को एक भारतीय बहु की रूप में स्वीकार किया है.'
परिवार में खुशी: शादी से सबसे ज्यादा खुश आनंद के माता और पिता और बहनें है. पिता नरेंद्र कुमार सिंह काफी प्रसन्न हैं. उन्होंने कहा कि हम अपने बेटे के लिए बहु खोज रहे थे. जब बेटे ने इस बारे में बात की तो हमलोग राजी हो गए. कहा कि हमें इस बात का सौभाग्य मिला है कि हमारी बहू काफी समझदार है. दोनों 3 साल से आपस में रिलेशनशिप में थे. एक-दूसरे को काफी समझते हैं.
"जब सभ्यता और संस्कृति की बात हो तो भारतीय संस्कृति को भी अपनाया जाना चाहिए और यह सौभाग्य है कि एक विदेशी युवती ने भारतीय सभ्यता को अपनाया है." -नरेंद्र कुमार सिंह, आनंद के पिता
इशारों में बात करती है मां: आनंद की माता सुगंधी देवी का तो खुशी का ठिकाना नहीं है. वह जब देवी पूजने गई तो बैंड बाजे की धुन पर जबरदस्त डांस भी की. कहा कि "मेरी विदेशी बहू काफी खूबसूरत है." भाषा को लेकर कहा कि उनकी बहु हिन्दी समझती है लेकिन बोल नहीं पाती है. सुगंधी भी अंग्रेजी नहीं बोल पाती है. दोनों इशारों में बात करती हैं. सुगंधी बताती हैं कि "मेरी बहू तो घूंघट भी करती है."
भाभी को देख ननद खुश: आनंद की बहनें रोशनी और जागृति भी अपनी भाभी को लेकर काफी खुश हैं. पिता नरेंद्र कुमार सिंह ने अपने पुत्र आनंद कुमार की शादी में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है. पूरे चंदउपुर गांव के साथ आसपास के गांव को भी शादी में उपस्थित होने का न्योता दिया है. यह शादी सारण जिले के लिए एक चर्चा का विषय बनी हुई है.
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