कोडरमा: जिले के ध्वजाधारी आश्रम में शिवरात्रि के अवसर पर भोलेनाथ के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ गई. हर साल की भांति इस साल भी यहां शिवरात्रि पर दो दिवसीय मेला का आयोजन किया गया है. मेले में बिहार-झारखंड और पश्चिम बंगाल से हजारों की संख्या में शिवभक्त पहुंचे हैं. पहले श्रद्धालुओं ने 777 सीढ़ियां चढ़कर ध्वजाधारी पहाड़ की चोटी पर स्थित मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की. इसके बाद मेला का भी लुत्फ उठाया.
ध्वजाधारी आश्रम से जुड़ी मान्यता
मंदिर से जुड़ी मान्यता द्वापर युग से जुड़ी है. मान्यता के अनुसार भगवान ब्रम्हा के पुत्र कद्रम ऋषि ने इस पहाड़ पर भगवान शिव की पूजा की थी. भगवान शिव ने उनकी आराधना से प्रसन्न होकर उन्हें ध्वजा और त्रिशूल भेंट की थी. तब से इस स्थान का नाम ध्वजाधारी आश्रम पड़ गया है और ध्वजाधारी आश्रम में आने वाले शिव भक्त जलाभिषेक के बाद भगवान भोलेनाथ को ध्वजा और त्रिशूल चढ़ाते हैं. ऐसा विश्वास है कि ध्वजा और त्रिशूल चढ़ाने से श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है.
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कोडरमा के ध्वजाधारी आश्रम में लगने वाले शिवरात्रि मेला में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. यहां बड़ी संख्या में पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. साथ ही पूरा मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जा रही है. यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पीने की पानी, मेडिकल सुविधा और लंगर की भी व्यवस्था की गई है.