नई दल्ली: पाकिस्तान ने दुनिया को इमरान खान से लेकर वकार यूनिस, वसीम अकरम और शोएब अख्तर जैसे महान क्रिकेटर्स दिये है, लेकिन जब भी हम पाकिस्तान क्रिकेट टीम का नाम लेते हैं तो सबसे पहले हमारे दिमाग में यही ख्याल आता है कि इस टीम में ज्यादातर मुस्लिम खिलाड़ी होंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम में भी कुछ ऐसे क्रिकेटर रहे हैं जो गैर-मुस्लिम (दूसरे धर्म वाले) होते हुए भी पाकिस्तान के लिए खेले. इनमें से 2 खिलाड़ी हिंदू धर्म के हैं और बाकी खिलाड़ी ईसाई धर्म के हैं, लेकिन इनमें से एक ने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया. तो आज हम आपको 7 ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो गैर-मुस्लिम होते हुए भी पाकिस्तान क्रिकेट टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं.
1- यूसुफ योहना (मुहम्मद यूसुफ)
मुहम्मद यूसुफ पाकिस्तान के एक क्रिकेटर थे, जिन्होंने ईसाई होने पर राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में जगह बनाई, लेकिन बाद में धर्म परिवर्तन कर लिया और यूसुफ योहन्ना से मुहम्मद यूसुफ बन गए. यूसुफ ने 2006 में ईसाई धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल कर लिया था.
मोहम्मद युसूफ पाकिस्तान के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं. उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी है. मोहम्मद यूसुफ ने 90 टेस्ट मैचों में 7530 रन और 288 वनडे मैचों में 9720 रन बनाए. यूसुफ ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 39 शतक और 97 अर्द्धशतक बनाए हैं.
2- दानिश केनरिया
दानिश कनेरिया पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए खेलने वाले दूसरे हिंदू क्रिकेटर हैं. दानिश कनेरिया के चाचा अनिल दलपत पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने वाले पहले हिंदू खिलाड़ी हैं. दानिश कनेरिया भारत के गुजरात से हैं, लेकिन उनके पूर्वज कई दशक पहले पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बस गए थे. कहा जाता है कि दानिश का नाम पहले दिनेश था, लेकिन उनके साथी उन्हें दानिश कहकर बुलाते थे, जिससे उनका नाम दानिश कनेरिया पड़ गया.
पाकिस्तानी क्रिकेट के इतिहास में दानिश कनेरिया टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले पाकिस्तानी स्पिनर हैं. लेग स्पिनर ने पाकिस्तान के लिए 61 टेस्ट मैचों में 261 विकेट लिए हैं, जिसमें उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर 77 रन खर्च कर 7 विकेट है. इस खिलाड़ी ने 18 वनडे मैच भी खेले हैं, जिसमें उन्होंने 15 विकेट लिए हैं. दानिश पाकिस्तान के लिए खेलने वाले आखिरी हिंदू क्रिकेटर हैं.