नई दिल्ली:इनकम टैक्स में कटौती के कुछ दिनों बाद मध्यम वर्ग के लिए एक और अच्छी खबर है. RBI MPC द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (bps) की कटौती के बाद उनका EMI का बोझ कम होने जा रहा है. नए उधारकर्ताओं के लिए भी, होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन जल्द ही सस्ते होने जा रहे हैं.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने शुक्रवार को रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती करके इसे 6.25 फीसदी कर दिया. यह RBI द्वारा पांच साल में की गई पहली दर कटौती है, पिछली बार मई 2020 में की गई थी. बता दें कि रेपो रेट वह रेट है जिस पर RBI अन्य बैंकों को उधार देता है.
5 साल बाद हुआ बदलाव
कोविड (मई 2020) के बाद से आरबीआई द्वारा की गई यह पहली ब्याज दर कटौती है. मई 2020 से अप्रैल 2022 के बीच आरबीआई ने रेपो दर को 4 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा. इसके बाद अप्रैल 2022 से नीतिगत दरों में बढ़ोतरी शुरू की और फरवरी 2023 तक धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया, उसके बाद अब तक दो साल तक इसे अपरिवर्तित रखा.
आप कितनी बचत करेंगे?
आइए एक उदाहरण से समझचे है. मान लें कि आपने 20 साल की अवधि के लिए 8.5 फीसदी की ब्याज दर पर 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है. 25 आधार अंकों की कटौती के साथ आपकी ब्याज दर 8.25 फीसदी हो जाएगी. यह आपकी मासिक EMI को कैसे प्रभावित करता है.
पुरानी EMI (8.5% पर)- 43,059 रुपये
नई EMI (8.25% पर): 42,452 रुपये