रुद्रपुरः उधम सिंह नगर जिले में अटल उत्कृष्ट विद्यालय की सीबीएससी की साइट में डोक्यूमेंट अपलोड न करना दो प्रधानाचार्यों को महंगा पड़ गया. जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र आर्य ने कार्य में लापरवाही करने पर दिनेशपुर और गदरपुर के प्रधानाचार्यों के मार्च माह का वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं.
प्रदेश के सरकारी स्कूलों को सीबीएसई पैटर्न में पढ़ाई कराने को लेकर बीते दिनों प्रदेश में 188 अटल विद्यालय खोलने पर मुहर लगी थी. उधम सिंह नगर जिले में भी हर ब्लॉक में दो-दो अटल उत्कृष्ट विद्यालय बनाने की कवायद की जा रही हैं. उधम सिंह नगर में 14 विद्यालयों को सीबीएसई से मान्यता दिलाने के लिए भी कार्रवाई चल रही है. इसके लिए चयनित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को जरूरी दस्तावज विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही कार्य पूरा होने पर सूचना देने को कहा गया था.
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बकायदा, जिले के सभी 14 विद्यालयों को 24 मार्च तक प्रमाणपत्रों को सीबीएसई की वेबसाइट में अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन राजकीय इंटर कॉलेज गदरपुर और राजकीय इंटर कॉलेज दिनेशपुर के प्रधानाचार्यों ने कार्य पूरा नहीं किया. जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र आर्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जीआइसी दिनेशपुर के प्रधानाचार्य अरूण मेहता और जीआइसी गदरपुर के प्रधानाचार्य परशुराम दिवाकर का मार्च महीने का वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं.
मुख्य शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि दिनेशपुर और गदरपुर के प्रधाचार्य की ओर से कार्य को लेकर लापरवाही सामने आई है. पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने के लिए इन लोगों को प्रशिक्षण भी दिया गया था. इसके बावजूद काम में कोताही की गई. मामले में दोनों प्रधानाचार्य के वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं. आगे भी इस तरह की लापरवाही सामने आएगी तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.