नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड ओपन विश्वविद्यालय में हुई अवैध नियुक्तियों को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खण्डपीठ ने जनहित याचिका को निरस्त कर दी है.
मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी सच्चिदानंद डबराल ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उत्तराखंड ओपन यूनिर्वसिटी हल्द्वानी में 13 लोगों की नियुक्तियां अवैध तरीके से की गई हैं.
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इन नियुक्तियों को करने में यूजीसी के नियमों का पालन नहीं किया गया है, इसलिए इन्हें निरस्त किया जाए. विपक्षियों की तरफ से कहा गया कि विश्वविद्यालय में कोई भी अवैध नियुक्तियां नहीं हुई हैं, जो नियुक्तियां हुई हैं वह नियमों के तहत हुई हैं.