रुड़की: जिले भर के किसानों ने गन्ना भुगतान, बिजली के बढ़े हुए दामों और नए व्हीकल अधिनियम एक्ट के विरोध में सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट निकिता खंडेलवाल ने किसानों की सभी मांगों को लेकर आश्वासन दिया, लेकिन किसानों की कमेटी ने ज्वांइट मजिस्ट्रेट के वायदे को नकार दिया है. जिसके बाद गुस्साए किसान डीजीएम दफ्तर के प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं.
बता दें कि लंबे समय से किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत, भारतीय किसान यूनियन तोमर और भारतीय किसान यूनियन अंबावत अलग-अलग स्थानों पर धरना प्रदर्शन कर रही थी. लेकिन सरकार द्वारा मामले में कोई फैसला ना लिए जाने के चलते जिले भर के किसानों ने रुड़की में एकजुट होकर सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. हालांकि जॉइंट मजिस्ट्रेट निकिता खंडेलवाल द्वारा दिए गए नए व्हीकल अधिनियम एक्ट में छूट और गन्ना भुगतान के आश्वासन को किसानों ने मान लिया है. लेकिन बिजली विभाग द्वारा बढ़े हुए दामों पर किसानों को जो लाखों रुपयों का जो बिल दिया गया है, उसे लेकर किसान डीजीएम दफ्तर के प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं.
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किसान नेता संजय चौधरी ने बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग द्वारा किसानों को चार -चार लाख के बिल दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने आमदनी में कोई वृद्धि नहीं की है. लेकिन गरीबों पर जुल्म करने के लिए लाखों के बिल भिजवा दिए हैं. उन्होंने बताया कि पचास पैसे पर युनिट की मांग को लेकर किसानों का यह धरना अनिश्चितकालीन रहेगा.