देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड के बाद सेना में बतौर अधिकारी बनने वाले हैदराबाद के प्रत्यूष के लिए आज का दिन सबसे महत्वपूर्ण है. पिता ने बेटे के लिए सैनिक बनने का जो सपना देखा था वो आज पूरा हो गया. सिविल सर्विस में तैनात प्रत्युष के पिता का हमेशा से अरमान था कि उनके घर में एक फौजी हो.
हैदराबाद के प्रत्यूष बताते हैं कि आईएमए एकेडमी ज्वाइन करने से पहले कई तरह के सवाल थे. किस तरह से कठिन ट्रेनिंग पूरी होगी, कैसे मां-बाप से दूर रहकर चुनौतियों का सामना होगा, कब प्रशिक्षण पूरा कर पासिंग आउट परेड में शामिल होंगे. ये तमाम सवाल हैदराबाद के प्रत्युष के जेहन में थे, जो आज सेना में ऑफिसर बनते ही पूरे हो गए.
वहीं, प्रत्यूष के पिता का मानना है कि भले ही वो सिविल नौकरी से आते हो, लेकिन उनका अर्से से अरमान था कि उनका बेटा देश सेवा के लिए सेना में जाए. सपना आज पूरा हुआ है, जो वाकई जीवन का सबसे सुखद पल है. प्रत्यूष के पिता के मुताबिक, दुनिया की बड़ी से बड़ी दौलत और शोहरत एक तरफ है. घर में परिवार के सदस्य का फौजी बनने का गर्व सबसे बड़ी खुशी महसूस कराती है.
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ईटीवी भारत से विशेष बातचीत करते हुए प्रत्यूष के पिता बताते हैं कि भले ही परिवार से दूर रहकर बेटे ने कठिन ट्रेनिंग को पार किया हो, लेकिन ये सवाल मां और परिवार के सभी सदस्यों में था. देश सेवा के जज्बे और बेटे के फौजी बनने के अरमान ने सभी सवालों को पीछे छोड़ दिया.