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मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ की बैठक, जीएसडीपी ऋण पर चर्चा - अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद

मुख्य सचिव ने सभी कामों को तय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए है. साथ ही समय-समय पर उनकी मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है.

देहरादून
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Published : Aug 11, 2020, 9:03 PM IST

देहरादून: उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स की रैकिंग में सुधार लाने के लिए मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में एक बैठक हुई. बैठक में अवगत कराया गया है कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा निर्धारित चार क्षेत्रों में सुधार के लिए राज्य की कुल जीएसडीपी का दो प्रतिशत अतिरिक्त ऋण प्राप्त किया जा सकता है. उत्तराखंड के लिए ये ऋण करीब 4600 करोड़ रुपए समकक्ष बैठता है.

राज्य को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत जिला स्तर के बिजनेस रिफॉर्म, नवीनीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना, वन नेशन-वन राशन कार्ड, शहरी निकायों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित रिफॉर्म्स और पावर सेक्टर से संबंधित रिफॉर्म्स किए जाने होंगे. यह रिफॉर्म्स दिसंबर 2020 तक किए जाने होंगे. इन रिफॉर्म्स के आधार पर ही राज्य को जीडीपी के दो प्रतिशत अतिरिक्त ऋण लिए जाने की सुविधा का लाभ मिल सकेगा, जो लगभग 4600 करोड़ अनुमानित है.

पढ़ें- 18 साल की मेहनत: पर्यावरण को नहीं पहुंचेगा नुकसान, ई-वेस्ट का होगा ये 'अंजाम'

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग अपने विभागों से संबंधित रिफॉर्म्स को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए ठोस एक्शन प्लान बनाएं. एक्शन प्लान के अनुसार प्रगति की निरंतर समीक्षा करें. समीक्षा रिपोर्ट की जानकारी हर सप्ताह मुख्य सचिव कार्यालय को भी जाए.

इसके अलावा मुख्य सचिव ने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में तेजी लाने के निर्देश दिए है. इसके लिए कर्मचारियों का लक्ष्य निर्धारित करने के लिए कहा गया है. इस काम को पूरा करने लिए दस हफ्तों की समय सीमा तय की गई है. इसके लिए खाघ विभाग से 25 लाख रूपए का इमरजेंसी फंड दिलाने की बात कही गई है.

देहरादून: उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स की रैकिंग में सुधार लाने के लिए मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में एक बैठक हुई. बैठक में अवगत कराया गया है कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा निर्धारित चार क्षेत्रों में सुधार के लिए राज्य की कुल जीएसडीपी का दो प्रतिशत अतिरिक्त ऋण प्राप्त किया जा सकता है. उत्तराखंड के लिए ये ऋण करीब 4600 करोड़ रुपए समकक्ष बैठता है.

राज्य को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत जिला स्तर के बिजनेस रिफॉर्म, नवीनीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना, वन नेशन-वन राशन कार्ड, शहरी निकायों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित रिफॉर्म्स और पावर सेक्टर से संबंधित रिफॉर्म्स किए जाने होंगे. यह रिफॉर्म्स दिसंबर 2020 तक किए जाने होंगे. इन रिफॉर्म्स के आधार पर ही राज्य को जीडीपी के दो प्रतिशत अतिरिक्त ऋण लिए जाने की सुविधा का लाभ मिल सकेगा, जो लगभग 4600 करोड़ अनुमानित है.

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मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग अपने विभागों से संबंधित रिफॉर्म्स को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए ठोस एक्शन प्लान बनाएं. एक्शन प्लान के अनुसार प्रगति की निरंतर समीक्षा करें. समीक्षा रिपोर्ट की जानकारी हर सप्ताह मुख्य सचिव कार्यालय को भी जाए.

इसके अलावा मुख्य सचिव ने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में तेजी लाने के निर्देश दिए है. इसके लिए कर्मचारियों का लक्ष्य निर्धारित करने के लिए कहा गया है. इस काम को पूरा करने लिए दस हफ्तों की समय सीमा तय की गई है. इसके लिए खाघ विभाग से 25 लाख रूपए का इमरजेंसी फंड दिलाने की बात कही गई है.

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