रानीखेतः कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने रानीखेत में कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया. इस दौरान उन्होंने विधानसभा चुनाव के बाद से सरकार के प्रतिनिधियों पर क्षेत्र में सौहार्द बिगाड़ने, प्रशासन पर अनावश्यक दबाव डाल कर मारपीट कराने और बेगुनाह लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया. वहीं, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी अल्मोड़ा पहुंचे. जहां उन्होंने यूकेएसएसएससी पेपर लीक, महिला आरक्षण, अंकिता मर्डर केस समेत दलित नेता जगदीश हत्याकांड को लेकर सरकार को जमकर घेरा. यशपाल आर्य ने कहा कि इन तमाम मुद्दों को लेकर सरकार 2 दिन का विशेष सत्र बुलाएं, ताकि इन पर चर्चा की जा सके.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा (Uttarakhand Congress President Karan Mahara) ने कहा कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े जनप्रतिनिधि क्षेत्र का माहौल खराब कर रहे हैं. इससे पहले सल्ट के पूर्व विधायक रंजीत रावत और दिवंगत विधायक सुरेंद्र जीना के साथ भी ऐसा कर चुके हैं. कुछ महीने पहले चुनाव के दौरान भी प्रकाश जोशी आदि के साथ उनके व्यवहार को लोग देख चुके हैं. आए दिन हो रही मारपीट और झगड़े में ये लोग शामिल रहते हैं.
उनका आरोप है कि पीड़ित पक्ष के ऊपर एससी एसटी एक्ट (SC ST Act) लगवाकर समझौते का दबाव बनाते हैं. पुलिस भी इन मामलों में उनका साथ दे रही है. करन माहरा ने तमाम घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार में कानून व्यवस्था फेल (law and order in Uttarakhand) हो चुकी है. तमाम घोटालों से साबित हो गया है कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है.
ये भी पढ़ेंः विधानसभा भर्ती घोटाला: हरक बोले- उत्तराखंड का दुर्भाग्य है कि प्रेमचंद अभी भी मंत्री बने हैं
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य (Leader Of Opposition Yashpal Arya) ने कहा कि कांग्रेस लगातार बेरोजगार युवाओं की हक की लड़ाई मजबूती के साथ लड़ रही है. यूकेएसएसएससी पेपर लीक में अब तक पकड़ में आए हाकम समेत अन्य आरोपियों के पीछे आखिर कौन खड़ा है? वो बेनकाब होने चाहिए. उन्हें एसआईटी पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं है. इसलिए कांग्रेस चाहती है कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई इस मामले की जांच करें.
महिलाओं को 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षणः उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में साल 2004 में महिलाओं के लिए 20 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की गई, जो कि 2006 में बढ़ाकर 30 फीसदी किया गया, लेकिन वर्तमान सरकार की न्यायालय में लचर पैरवी के कारण महिलाओं से 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण का अधिकार छिन गया. अब सरकार 7000 पदों पर भर्ती का शिगूफा छोड़ रही है. उनकी मांग है कि इन पदों पर महिलाओं को उनके 30 फीसदी आरक्षण के साथ मौका मिले.
यशपाल आर्य ने अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case), दलित नेता जगदीश हत्याकांड (Dalit leader Jagdish Murder Case) समेत उत्तरकाशी में हुए दलित लड़की से दुराचार मामले में भी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड में सबूत नष्ट कर सरकार आरोपियों को बचाने की कोशिश में लगी है. अल्मोड़ा और उत्तरकाशी मामले में सरकार की असंवेदनशीलता देखने को मिली. यहां पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उनके घर में सरकार का कोई नुमाइंदा तक नहीं गया.