चित्रकूट: जिले में नाबालिग दलित के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म से क्षुब्ध होकर किशोरी ने आत्महत्या कर ली थी. बुधवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मृतक किशोरी का अंतिम संस्कार किया गया. वहीं सामूहिक दुष्कर्म से गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार सुबह सड़क जाम कर सरकार विरोधी नारे लगाए. इस मामले में इंस्पेक्टर कर्वी जयशंकर प्रसाद और सरैंया चौकी प्रभारी अनिल साहू को लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है. मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करल लिया है.
जाने पूरा मामला
चित्रकूट में नाबालिग दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. चित्रकूट धाम मंडल के कमिश्नर गौरव दयाल व आईजी के सत्यनारायण ने पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी. पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र में 13 अक्टूबर को किशोरी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि किशोरी की मौत फांसी लगाने से हुई है.
मां ने दी थी तहरीर
मृतका किशोरी की मां ने बताया कि उनकी बेटी के साथ तीन लड़कों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था. मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म, हत्या के लिए उकसाना और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था. पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाकर उनकी तलाश शुरू कर दी. इसके चलते पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस
8 अक्टूबर को किशोरी के साथ घटना में चौकी प्रभारी अनिल साहू, कोतवाली प्रभारी जयशंकर सिंह को मामले में लापरवाही बरतने पर दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पीड़ित किशोरी को न्याय दिलाने के लिए मामले में विवेचना जारी है. आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाया जाएगा. सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पीड़ित के घर के पास थानों की फोर्स लगा दी गई है. पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने के लिए प्रयास किया जा रहा है.