बहराइच: जिलाधिकारी शंभू कुमार और पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार मिश्रा ने बुधवार को वन स्टॉप सेंटर का उद्घाटन किया. वर्षों की प्रतीक्षा के बाद वन स्टॉप सेंटर का उद्घाटन तो हुआ, लेकिन भवन निर्मित नहीं हो सका है. भवन नहीं होने के चलते इसे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में स्थापित किया गया है. इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं का समर्थन, सहयोग और उन्हें सुरक्षा प्रदान करना है.
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भारत सरकार की है योजना
भारत सरकार ने हिंसा से प्रभावित महिलाओं की सहयोग के लिए 1 अप्रैल 2015 को वन स्टॉप सेंटर योजना लागू की थी. सखी के रूप में जानी जाने वाली इस केंद्र प्रायोजित योजना को महिला और बाल विकास मंत्रालय ने तैयार किया है. यह योजना इंदिरा गांधी मातृ सहयोग योजना और राष्ट्रीय महिला सशक्तीकरण मिशन की तरह है.
हिंसा प्रभावित महिलाओं को मिलेगी सहायता
वन स्टॉप सेंटर योजना के तहत पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से निजी और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता मिलेगी. वन स्टॉप सेंटर हिंसा, जाति, वर्ग, धर्म, क्षेत्र, यौन शोषण और वैवाहिक स्थिति से प्रभावित 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों समेत सभी महिलाओं का समर्थन करेगा. इस योजना को निर्भया फंड के माध्यम से वित्त पोषित किया जाएगा. केंद्र सरकार इस योजना के तहत राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी.
पुलिस अधीक्षक ने कहा
पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का शिकार महिलाओं को पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है. ये सेंटर आश्रय सुविधा, आपातकालीन सहायता और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ परामर्श और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान कराता है. इसके माध्यम से पीड़ित महिलाओं को मनोवैज्ञानिक, सामाजिक समर्थन और परामर्श दिया जाता है.