लखनऊ: आईपीएस ऑफिसर अजय पाल शर्मा की मुसीबतें बढ़ती हुई जा रही हैं. पहले नोएडा के पूर्व कप्तान वैभव कृष्ण द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप, उसके बाद तथाकथित पत्नी दीप्ति शर्मा को फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप के साथ अब इनामी बदमाश अनिल भाटी के साथ व्हाट्सऐप चैट की जांच ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की मुसीबतें बढ़ा दी हैं.
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एसआईटी की मेरठ यूनिट ने अजय पाल शर्मा व अनिल भाटी कि व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत की जांच कर रही है. जिसके संदर्भ में भी एसआईटी को अजय पाल शर्मा के खिलाफ सबूत मिले हैं. वहीं दूसरी ओर एसआईटी ने अजय पाल शर्मा की तथाकथित पत्नी दीप्ति शर्मा के बयान दर्ज किए हैं. पूर्व कप्तान वैभव कृष्ण की ओर से लगाए गए आरोपों पर कार्रवाई करते हुए अजय पाल शर्मा का ट्रांसफर उन्नाव कर दिया गया है.
एसआईटी ने शुरू की मामले की जांच
राजधानी में आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा की तथाकथित पत्नी दीप्ति शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद हजरतगंज थाने में लिखी गई एफआईआर की जांच एसआईटी कर रही है. एसआईटी ने कोर्ट के आदेश के बाद गाजियाबाद जेल में बंद दीप्ति शर्मा से पूछताछ की. पूछताछ में एसआईटी को कई सबूत मिले हैं. दरअसल बीते दिनों खुद को अजय पाल शर्मा की पत्नी बताने वाली दीप्ति शर्मा ने गृह विभाग से शिकायत की थी. जिसके बाद गृह विभाग के निर्देश पर हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई. इस एफआईआर के आधार पर एसआईटी मामले की जांच कर रही है.
महिला ने अजय पाल शर्मा पर धारा 409, 201 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कराया था. एफआईआर में दीप्ति शर्मा ने आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा सहित चंदन राय, उप निरीक्षक विजय यादव सहित दो अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. दीप्ति शर्मा ने आरोप लगाया है कि साजिश के तहत अजय पाल शर्मा ने उन पर कई मुकदमे दर्ज करवाए. दीप्ति ने शासन से शिकायत की थी जिसके बाद कार्रवाई करते हुए शासन ने अजय पाल शर्मा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है.
दीप्ति ने तहरीर में अपने आपको अजय पाल शर्मा की पत्नी बताया था. दीप्ति शर्मा राजेंद्र नगर साहिबाबाद, गाजियाबाद की रहने वाली हैं. उनका कहना है कि वर्ष 2016 में इनकी शादी अजय पाल शर्मा से हुई थी. गाजियाबाद में एसपी सिटी के पद पर तैनात अजय पाल शर्मा के से संबंधों के चलते, उनके संबंध खराब हुए. जिसकी शिकायत दीप्ति ने पुलिस व महिला आयोग ने की थी. हालांकि आरोपों के बाद अजय पाल शर्मा के वकील ने सूचना के अधिकार के तहत संबंधित रजिस्ट्रार से शादी के संदर्भ में दस्तावेज मांगे थे, जो प्राप्त नहीं हुए हैं.
दीप्ति ने फर्जी मुकदमे दर्ज कराने के साथ-साथ यह भी आरोप लगाया है कि अजय पाल शर्मा के कहने पर 8 दिसंबर 2019 को कुछ लोग उनके घर पर आए. इसमें अजय पाल शर्मा के दोस्त बृजेश राणा व मथुरा सहित कई अन्य लोग शामिल थे. ये लोग घर में घुसकर लैपटॉप, डीवीआर, टैब व अन्य सामान उठा ले गए. दीप्ति का कहना है कि इस घटना के बाद उन्होंने आईजी रेंज से शिकायत भी की थी.
नोएडा के पूर्व एसएसपी वैभव कृष्ण द्वारा 5 आईपीएस अधिकारियों पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पूरी हो गई है. आरोपों की जांच कर रही है एसआईटी ने अजय पाल शर्मा पर लगाए गए आरोपों को जांच में सही पाया है. जिसके बाद शासन ने विजिलेंस को अजय पाल शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं. वहीं इस मामले में आरोपी आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार और मुख्य सचिव के पूर्व निदेशक मीडिया दिवाकर खरे के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश जारी किए हैं.
एसआईटी ने जांच के दौरान यह पाया गया कि 50 हजार का इनामी बदमाश अनिल भाटी आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के संपर्क में था. जानकारी के अनुसार इनामी अपराधी अनिल भाटी व आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा के पर्सनल मोबाइल नंबर पर हुई चैट भी सामने आई है. अनिल भाटी के मोबाइल नंबर में अजय पाल शर्मा का नंबर गुरुजी के नाम से सेव था. अजय पाल शर्मा व अनिल भाटी के बीच यह चैट वर्ष 2018 की बताई जा रही है. एसआईटी की जांच में इस बात के सबूत मिले हैं कि अजय पाल शर्मा व अनिल भाटी के बीच में बातचीत होती थी जिसके बाद इस पूरे मामले की जांच व नोएडा के ईकोटेक थाने में दर्ज एक एफआईआर की जांच, एसआईटी की दूसरी यूनिट को सौंपी गई थी.
मोबाइल से चैट डिलीट करने का प्रयास
अजय पाल शर्मा ने ईकोटेक थाने में जमा अनिल भाटी के मोबाइल से चैट डिलीट कराने का भी प्रयास किया. इकोटेक थाने में तैनात दीवान ने माल खाने में जमा मोबाइल फोन निकाल लिया था जिसके बाद दीवान के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी.